रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी महराजगंज
“भ्रष्टाचार नहीं, ईमानदारी चलेगी प्रशासन की सख्ती से जनता का भरोसा मजबूत”
महराजगंज जनपद के निचलौल तहसील क्षेत्र में ₹4000 रिश्वत मांगने का ऑडियो वायरल होने के बाद प्रशासन ने कड़ा और त्वरित कदम उठाते हुए भ्रष्ट लेखपाल अंशुमान महतो को निलंबित कर दिया है। इस कार्रवाई से जिले में साफ संदेश गया है कि भ्रष्टाचार को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मामला सामने आते ही निचलौल के तेज-तर्रार उप जिलाधिकारी (एसडीएम) सिद्धार्थ गुप्ता ने पूरे प्रकरण का तत्काल संज्ञान लिया। पीड़ित द्वारा न्याय की गुहार लगाए जाने और ऑडियो के सार्वजनिक होने के बाद एसडीएम ने बिना देरी किए जांच के आदेश दिए। जांच में प्रथम दृष्टया दोष सिद्ध होने पर संबंधित लेखपाल के खिलाफ निलंबन की सख्त कार्रवाई की गई।
एसडीएम की इस त्वरित पहल से प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। अधिकारियों का कहना है कि किसी भी स्तर पर भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर ऐसे ही कठोर कदम उठाए जाएंगे, ताकि सरकारी व्यवस्था को साफ-सुथरा और पारदर्शी बनाया जा सके।
न्याय व्यवस्था पर फिर जगा भरोसा
इस निर्णायक कार्रवाई से आम जनता में प्रशासन और न्याय व्यवस्था के प्रति विश्वास और मजबूत हुआ है। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यदि हर शिकायत पर इसी तरह तेज और निष्पक्ष कार्रवाई होती रही, तो सरकारी दफ्तरों में वर्षों से जड़ जमा चुके भ्रष्टाचार पर निश्चित रूप से लगाम लगेगी।
पीड़ित में खुशी, मीडिया व प्रशासन का आभार
कार्रवाई के बाद पीड़ित पक्ष में संतोष और खुशी का माहौल है। पीड़ित ने निष्पक्ष जांच और त्वरित निर्णय के लिए मीडिया तथा उप जिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता का आभार जताया है। यह मामला अब प्रशासनिक सख्ती और भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की एक मिसाल बनता नजर आ रहा है।