हेलमेट नहीं था, तो क्या पिटाई जायज़ है?” निचलौल में गाड़ी चेकिंग के दौरान युवक से कथित मारपीट पर बवाल

रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी प्रधान संपादक 

 

बहुआर चौकी क्षेत्र में थानाध्यक्ष पर गंभीर आरोप, युवक की गाड़ी सीज; व्यापारियों और ग्रामीणों में आक्रोश

 

महराजगंज जनपद के निचलौल थाना क्षेत्र अंतर्गत बहुआर चौकी के झूलनीपुर पुर में वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस की कार्यशैली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। आरोप है कि दवा लेकर घर लौट रहे एक युवक के साथ थानाध्यक्ष द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार ही नहीं, बल्कि मारपीट तक की गई। घटना के बाद इलाके में भारी नाराज़गी और चर्चा का माहौल है।

 

मिली जानकारी के अनुसार लक्ष्मीपुर निवासी दिलीप कुमार पुत्र राजेश कुमार बाइक से दवा लेकर अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान वाहन चेकिंग अभियान चला रहे थाना प्रभारी अंकित सिंह ने उन्हें रोक लिया। आरोप है कि हेलमेट न होने पर थानाध्यक्ष ने युवक की एक भी बात नहीं सुनी और कथित रूप से अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए लात-घूंसों से पिटाई कर दी। इतना ही नहीं, युवक की बाइक की चाभी छीन ली गई और गाड़ी सीज करने की धमकी भी दी गई। बाद में बाइक सीज किए जाने की भी जानकारी सामने आई है।

 

घटना को लेकर स्थानीय लोगों और व्यापारियों में भारी आक्रोश व्याप्त है। लोगों का कहना है कि पुलिस को वाहन चेकिंग, चालान या कानूनी कार्रवाई का अधिकार है, लेकिन किसी नागरिक के साथ मारपीट करने या अपमानित करने का अधिकार आखिर किसने दिया? यह सीधे तौर पर मानवाधिकार और कानून व्यवस्था की मर्यादा पर सवाल खड़ा करता है।

 

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि युवक के पास गाड़ी के सभी कागजात मौजूद थे और केवल हेलमेट नहीं था, तो नियमानुसार चालान काटा जा सकता था। लेकिन कथित मारपीट और धमकी जैसी कार्रवाई पुलिस की छवि को धूमिल करती है।

 

गौरतलब है कि कुछ समय पूर्व भी कथित अभद्र भाषा के मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी द्वारा संबंधित पुलिसकर्मी पर सख्त कार्रवाई करते हुए तत्काल प्रभाव से निलंबन की कार्रवाई की गई थी। इसके बावजूद इस तरह के आरोप सामने आना कई गंभीर सवाल खड़े कर रहा है।

 

अब सबकी निगाहें पुलिस अधीक्षक पर टिकी हैं कि इस पूरे मामले में क्या जांच बैठती है और क्या कार्रवाई होती है। फिलहाल इलाके में चर्चा यही है कि “क्या हेलमेट न पहनना इतना बड़ा अपराध है कि सड़क पर ही सजा दे दी जाए?”

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