*एडीजी के तबादला आदेश पर भी कुर्सी बरकरार! ठूठीबारी सीमा पर फिर गरमाया ‘मलाई’ और कथित संरक्षण का मामला!*

Bureau Report/ News 18 Plus /Correspondent Thuthibari 

 

भारत-नेपाल सीमा पर अवैध कारोबार को लेकर चर्चाएं तेज, सोशल मीडिया पर वायरल कथित वीडियो ने बढ़ाए सवाल; अब नवागत एसपी की कार्रवाई पर सबकी नजर?

 

भारत-नेपाल सीमा से सटे ठूठीबारी क्षेत्र में एक बार फिर अवैध कारोबार और पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर चर्चाओं का बाजार गर्म है। आरोप है कि थाना प्रभारी अमित सिंह के प्रभार संभालने के बाद सीमा क्षेत्र में गतिविधियां तेज हो गई हैं और अवैध कारोबार से जुड़े बड़े एवं प्रभावशाली लोगों की सक्रियता भी बढ़ी है। हालांकि इन आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

 

सबसे बड़ा सवाल थाना प्रभारी के अंतर्जनपदीय स्थानांतरण को लेकर उठ रहा है। स्थानीय चर्चाओं के अनुसार, स्थानांतरण आदेश जारी होने के बावजूद करीब डेढ़ माह बीत जाने के बाद भी उन्होंने कार्यभार नहीं छोड़ा है। इससे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली और स्थानांतरण व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

 

इसी बीच सोशल मीडिया पर एक कथित वीडियो तेजी से वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वायरल वीडियो में कथित तौर पर थाना प्रभारी यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि उनके पुलिस अधीक्षक से अच्छे संबंध हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है, लेकिन इसके वायरल होने के बाद जिले में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

 

यदि वायरल वीडियो में किए गए कथित दावे सही पाए जाते हैं, तो यह न केवल पुलिस विभाग की छवि बल्कि प्रशासनिक पारदर्शिता पर भी गंभीर प्रश्नचिह्न खड़ा करता है। वहीं यदि वीडियो भ्रामक या संपादित है, तो उसकी भी निष्पक्ष जांच आवश्यक है ताकि सच्चाई सामने आ सके।

 

अब जिले में चर्चा का सबसे बड़ा विषय यह है कि नवागत पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी इस पूरे प्रकरण को किस गंभीरता से लेते हैं। क्या एडीजी के स्थानांतरण आदेश का तत्काल पालन कराया जाएगा, या फिर संबंधित अधिकारी कुछ और समय तक उसी पद पर बने रहेंगे? यह सवाल आम जनता के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है।

 

फिलहाल पूरे मामले में पुलिस विभाग की ओर से कोई आधिकारिक स्पष्टीकरण सामने नहीं आया है। ऐसे में निष्पक्ष जांच और विभागीय स्थिति स्पष्ट होने के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक तस्वीर सामने आ सकेगी।यदि आप इसे और अधिक खोजी (इन्वेस्टिगेटिव) या कानूनी रूप से संतुलित अखबार शैली में तैयार कराना चाहते हैं, तो मैं वह संस्करण भी तैयार कर सकता हूँ।

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