*राजस्व वसूली में तेजी लाएं, विकास योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन करें: सीडीओ!*

Bureau Report /News 18 Plus /Maharajganj

 

सीएम डैशबोर्ड की रैंकिंग सुधारने पर जोर, जनशिकायतों के निस्तारण में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को सख्त निर्देश।

 

महराजगंज, 29 अक्टूबर। कलेक्ट्रेट सभागार में गुरुवार को मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह की अध्यक्षता में कर-करेत्तर, राजस्व संग्रह एवं विकास कार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों की राजस्व प्राप्ति, विकास योजनाओं की प्रगति, लंबित वादों तथा जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित लक्ष्यों को समयसीमा के भीतर पूरा करने के निर्देश दिए गए।

 

मुख्य विकास अधिकारी ने आबकारी, राज्य कर, परिवहन, विद्युत देय, अलौह खनन वसूली, पर्यटन, पोषण और जल जीवन मिशन सहित विभिन्न विभागों की प्रगति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्य के सापेक्ष कर एवं राजस्व संग्रह में तेजी लाएं। साथ ही, विकास योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन धरातल पर सुनिश्चित करें और प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण करें।

 

लंबित वादों के निस्तारण के लिए तय करें समयसीमा

 

बैठक में विभिन्न न्यायालयों में लंबित वादों की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को उनका शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि लंबित मामलों के निस्तारण के लिए समयसीमा निर्धारित कर प्रभावी कार्रवाई की जाए, जिससे अनावश्यक देरी से बचा जा सके।

 

विकास परियोजनाओं की नियमित समीक्षा के निर्देश

 

पंचायतीराज, कृषि, स्वास्थ्य, महिला एवं बाल कल्याण, सहकारिता, पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक कल्याण और उद्योग सहित विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सीडीओ ने अधिकारियों को नियमित रूप से प्रगति की समीक्षा करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिया कि योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने के साथ ही सभी आवेदनों का निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

 

आईजीआरएस शिकायतों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं

 

सीएम डैशबोर्ड पर आईजीआरएस के माध्यम से प्राप्त जनशिकायतों के निस्तारण की समीक्षा करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण के बाद आवेदक से फीडबैक अवश्य लिया जाए। जनसमस्याओं के समाधान में किसी भी प्रकार की शिथिलता या लापरवाही नहीं होनी चाहिए।

 

उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि सभी अधिकारी अपने पर्यवेक्षण में निर्धारित समयसीमा के भीतर आवेदनों का निस्तारण कराएं और डाटा फीडिंग का कार्य समय से पूरा कराएं, ताकि सीएम डैशबोर्ड पर जनपद की रैंकिंग प्रभावित न हो।

 

बैठक में अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) नवनीत गोयल, ज्वाइंट मजिस्ट्रेट शिवम कुमार, लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता आर.के. मिश्रा, सहायक निबंधक सहकारिता सुनील गुप्ता सहित सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

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