ब्यूरो रिपोर्ट/ विश्वतेज त्रिपाठी/सिंदुरिया
महराजगंज/सिन्दुरिया (मिठौरा): जनपद के सिन्दुरिया थाना क्षेत्र के मिठौरा ब्लाक गेट के ठीक सामने होटल की आड़ में चल रहे देह व्यापार के काले कारोबार में एक ऐसा खुलासा हुआ है जिसने पुलिसिया इकबाल को कटघरे में खड़ा कर दिया है। खबर छपने के बाद हरकत में आए सिन्दुरिया थानाध्यक्ष पर आरोप है कि उन्होंने होटल पर छापा मारने से पहले संचालक को फोन कर ‘सेफ पैसेज’ दिया, ताकि साक्ष्य मिटाए जा सकें।
कॉल रिकॉर्डिंग ने खोली मिलीभगत की पोल:
बीते 3 फरवरी को खबर प्रकाशित होने के बाद पूरे महकमे में हड़कंप मच गया था। लेकिन मामले में नया मोड़ तब आया जब 4 फरवरी की शाम करीब 5 बजे मधुबनी के ग्राम प्रधान रघुनाथ प्रसाद ने पत्रकार को फोन किया। इसी दौरान होटल संचालक को भी कॉन्फ्रेंस कॉल पर लिया गया।
बातों ही बातों में होटल संचालक ने वह सच उगल दिया जिसे सुनकर शासन-प्रशासन के होश उड़ सकते हैं। संचालक ने स्पष्ट कहा— “अभी एसएचओ साहब का फोन आया था, बोल रहे थे कि 10 मिनट में होटल आ रहा हूँ, मेरी नौकरी की बात है। मैंने होटल में झाड़ू वगैरह लगवा दिया है।” यह पूरी बातचीत अब साक्ष्य के रूप में रिकॉर्ड हो चुकी है।
दिखावे की रेड, ‘दाएं-बाएं’ हुए सबूत:
1) सवाल यह उठता है कि अगर पुलिस वाकई कार्रवाई करना चाहती थी, तो अपराधी को सूचना क्यों दी गई?
2) क्या यह रेड सिर्फ उच्च अधिकारियों की आंखों में धूल झोंकने के लिए थी?
3) जब थानाध्यक्ष खुद फोन करके 10 मिनट का समय दे रहे हों, तो होटल के भीतर चल रही अनैतिक गतिविधियों के साक्ष्य मिलना नामुमकिन है।
पुलिस की साख पर उठते गंभीर सवाल:
मिठौरा ब्लॉक गेट और पुलिस चौकी के ठीक सामने सालों से यह धंधा चल रहा है। प्रबुद्ध नागरिकों का कहना है कि पुलिस की लगातार गश्त और मौजूदगी के बावजूद इतना बड़ा नेटवर्क बिना “संरक्षण” के चलना संभव नहीं है। पत्रकार के फोन में कैद यह रिकॉर्डिंग अब पुलिस विभाग के लिए गले की फांस बन सकती है।
“अगर रक्षक ही भक्षक बन जाए और छापेमारी की सूचना पहले ही आरोपियों को दे दी जाए, तो इलाके में अपराध कभी खत्म नहीं होगा। यह न केवल प्रशासन को चुनौती है बल्कि स्थानीय युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ भी है।