रिपोर्ट सुनील पाठक
सिसवा बाजार महराजगंज
भारत सरकार एवं उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा किसानों के हित में अनेक कल्याणकारी योजनाएँ चलाई जा रही हैं, इसके लिए हम सरकार के आभारी हैं। लेकिन खेती से जुड़ी सबसे महत्वपूर्ण आवश्यकता कृषि यंत्र हैं। बिना कृषि यंत्रों के खेती की कल्पना भी संभव नहीं है।
आज की परिस्थितियों में यह सत्य है कि कृषि यंत्रों के बिना किसान खेत में कदम भी नहीं रख सकता। इसलिए हम चाहते हैं कि सरकार द्वारा कृषि यंत्रों को और अधिक बढ़ावा दिया जाए।
उक्त बाते कर्मठ और प्रगतिशील किसान सुधीर सिंह ने कहा कि रोटावेटर, पावर टिलर, हैरो, पावर वीडर, आलू बुवाई व खुदाई मशीन जैसे सभी छोटे से बड़े कृषि यंत्रों पर सब्सिडी दी जाए।
वर्तमान में ट्रैक्टर सब्सिडी 20 HP तक सीमित है, जिसे बढ़ाकर 27 HP तक किया जाए।27 HP तक के फोर-व्हील ड्राइव ट्रैक्टरों को भी सब्सिडी के अंतर्गत शामिल किया जाए, क्योंकि 20 HP या टू-व्हील ड्राइव ट्रैक्टर से सभी कृषि कार्य संभव नहीं हो पाते।
कृषि यंत्रों की माँग को पारदर्शी बनाने के लिए टोकन/सिक्योरिटी मनी की व्यवस्था हो, जिससे जिले की वास्तविक आवश्यकता का सही आकलन किया जा सके और किसान को उसके नंबर की पूर्व सूचना मिल सके।कृषि यंत्रों के प्रयोग से उर्वरकों की मात्रा कम होगी खरपतवारनाशी और कीटनाशकों का उपयोग घटेगा
खेत की साफ-सफाई बेहतर होगी
निराई-गुड़ाई से सिंचाई की आवश्यकता भी कम पड़ेगी
इस प्रकार सरकार की रासायनिक उर्वरक कम करने और संतुलित सिंचाई की मुहिम स्वतः ही सफल होगी।
हम पूर्ण विश्वास के साथ आशा करते हैं कि माननीय मुख्यमंत्री जी एवं माननीय कृषि मंत्री, भारत सरकार श्री शिवराज सिंह चौहान जी किसानों की इस महत्वपूर्ण माँग को समझेंगे और कृषि यंत्रों पर एक सशक्त एवं व्यावहारिक नीति अवश्य बनाएँगे।