ब्यूरो रिपोर्ट/ राजीव त्रिपाठी निचलौल
सह संपादक
महराजगंज। निचलौल तहसील परिसर बुधवार को उस समय हंगामे का अखाड़ा बन गया, जब आईजीआरएस सेल में कार्यरत एक लेखपाल के साथ मारपीट और सरकारी कार्य में बाधा डालने की घटना सामने आई। मामले में पुलिस ने नामजद आरोपी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
ड्यूटी के दौरान हुआ विवाद
तहसील में तैनात लेखपाल अर्पित पटेल 11 फरवरी को आईजीआरएस प्रकरणों के निस्तारण में व्यस्त थे। इसी दौरान सिरौली गांव निवासी दुर्गेश जायसवाल पुत्र अशोक जायसवाल वहां पहुंच गया। बताया जा रहा है कि किसी मामले को लेकर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हुई, जो देखते ही देखते उग्र रूप ले बैठी।
कागजात फाड़ने और मारपीट का आरोप
लेखपाल की तहरीर के अनुसार, आरोपी ने अभद्र भाषा का प्रयोग करते हुए आईजीआरएस से संबंधित महत्वपूर्ण दस्तावेज फाड़ दिए। विरोध करने पर उसने कथित रूप से लेखपाल के साथ मारपीट की। शोरगुल सुनकर मौके पर मौजूद कर्मचारी और अन्य लोग पहुंचे, तब जाकर स्थिति नियंत्रित हो सकी।
बीच-बचाव करने वालों को भी धमकी
घटना के दौरान सुदामा नामक व्यक्ति बीच-बचाव के लिए पहुंचे तो आरोपी ने उन्हें भी धमकाने का आरोप है। तहसील परिसर में अचानक हुए इस हंगामे से कुछ देर के लिए अफरा-तफरी की स्थिति बन गई।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पीड़ित लेखपाल की शिकायत पर थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा ने बताया कि आरोपी दुर्गेश जायसवाल के खिलाफ सरकारी कार्य में बाधा डालने, मारपीट और धमकी देने सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
तहसील कर्मियों में आक्रोश।
घटना के बाद तहसील कर्मचारियों में रोष व्याप्त है। उनका कहना है कि सरकारी कार्य में बाधा डालना और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार अस्वीकार्य है। उन्होंने प्रशासन से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।