ब्यूरो रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी निचलौल
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जनपद महाराजगंज में ऑनलाइन ठगी और आपराधिक विश्वासघात का एक गंभीर मामला प्रकाश में आया है, जिसमें पीड़ित से लाखों रुपये ठग लिए जाने का आरोप है। दर्ज प्राथमिकी (एफआईआर) के अनुसार, आरोपी ने पहले जान-पहचान बढ़ाकर विश्वास हासिल किया और फिर विभिन्न बहानों से किस्तों में बड़ी रकम अपने बैंक खातों में स्थानांतरित करा ली।
पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने ऑनलाइन लेनदेन (ट्रांजैक्शन) के माध्यम से करीब 2.7 लाख रुपये हड़प लिए। जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो उसे लगातार टालमटोल कर गुमराह किया गया और बाद में संपर्क भी पूरी तरह समाप्त कर दिया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच प्रारंभ कर दी है।
प्राथमिकी में यह भी उल्लेख है कि आरोपी ने सुनियोजित तरीके से धोखाधड़ी की साजिश रचकर पीड़ित को आर्थिक क्षति पहुंचाई। पुलिस अब बैंक लेनदेन, कॉल विवरण (कॉल डिटेल्स) और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की गहन जांच कर रही है।
पुलिस कार्रवाई:
मामले में संबंधित थाना पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर उपनिरीक्षक (एसआई) रूपेश कुमार दुबे को जांच अधिकारी नियुक्त किया है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी और पीड़ित को न्याय दिलाया जाएगा।
लागू धाराएं:
मामले में प्रथम दृष्टया निम्नलिखित धाराएं लागू की गई हैं—
धारा 420 भारतीय दंड संहिता – धोखाधड़ी कर संपत्ति हड़पना
धारा 406 भारतीय दंड संहिता – आपराधिक विश्वासघात
धारा 504 भारतीय दंड संहिता – जानबूझकर अपमान कर उकसाना
धारा 506 भारतीय दंड संहिता – आपराधिक धमकी
पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान व्यक्ति पर भरोसा कर ऑनलाइन लेनदेन न करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तत्काल सूचना पुलिस को दें।