*महराजगंज में गोसंरक्षण को लेकर सख्ती, गौशालाओं को आत्मनिर्भर व मॉडल बनाने के निर्देश।*

ब्यूरो रिपोर्ट/ दिलीप कुमार पाण्डेय/महराजगंज 

महराजगंज, 01 मार्च 2026। जनपद में गोवंशों के संरक्षण एवं संवर्द्धन को लेकर गोसेवा आयोग के उपाध्यक्ष अतुल सिंह ने कलेक्ट्रेट सभागार में समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

 

बैठक में गौ आश्रय स्थलों की वर्तमान स्थिति, गोवंशों की संख्या, चारा व्यवस्था, चिकित्सा सुविधाएं, ठंड से बचाव तथा गौशालाओं को आत्मनिर्भर बनाने की कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिया कि गोसदन को मॉडल के रूप में विकसित किया जाए और इसे स्वावलंबी बनाने के लिए ठोस योजना तैयार की जाए।

 

उन्होंने गौशालाओं में पौष्टिक आहार हेतु मोरंगा सहित अन्य उपयोगी वृक्षों के रोपण पर जोर दिया और कहा कि गोवंश संरक्षण एक पुनीत कार्य है, इसलिए संवेदनशील एवं जिम्मेदार कार्मिकों की तैनाती सुनिश्चित की जाए।

 

समीक्षा के दौरान स्वयं सहायता समूहों को और सक्रिय करने, गौकाष्ठ उत्पादन को व्यवस्थित करने तथा गोबर से गमले, दीये जैसे उत्पादों के निर्माण को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही गौशालाओं में नंदी और गायों को अलग रखने, नस्ल सुधार कार्यक्रम को प्राथमिकता देने और बीमार गोवंशों के लिए अलग कक्ष की अनिवार्य व्यवस्था करने को कहा गया।

 

उपाध्यक्ष ने गोसदन को पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की भी बात कही।

 

जिलाधिकारी ने धन्यवाद ज्ञापित करते हुए कहा कि दिए गए निर्देशों के अनुसार गौ आश्रय स्थलों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। इसके लिए गौमूत्र, गोबर आधारित दीये, खाद सहित अन्य उत्पादों के निर्माण और विपणन की व्यवस्था जिला प्रशासन द्वारा सुनिश्चित की जाएगी।

 

इससे पूर्व उपाध्यक्ष ने सिसवा बाजार स्थित श्री कृष्ण गोशाला एवं मधवलिया गोसदन का स्थलीय निरीक्षण कर गोवंशों के संरक्षण एवं देखभाल को लेकर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने बीमार गोवंशों की बेहतर देखभाल तथा चारा उत्पादन बढ़ाने पर विशेष जोर दिया।

 

मुख्य पशुचिकित्साधिकारी ने जानकारी दी कि जनपद की 31 गौशालाओं में कुल 2284 गोवंश संरक्षित हैं। इनमें मधवलिया गोसदन में 740, अस्थायी गोआश्रय स्थलों में 748, कान्हा हाउस में 266 तथा कांजी हाउस में 192 गोवंश शामिल हैं। निराश्रित गोवंशों को पकड़ने के लिए 6 कैटल कैचर भी सक्रिय हैं।

 

समीक्षा बैठक के बाद इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के माध्यम से गौशालाओं का ऑनलाइन अवलोकन भी किया गया।

 

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, मुख्य पशुचिकित्साधिकारी डॉ. हौसला प्रसाद, डीडीओ बी.एन. कन्नौजिया, डीसी एनआरएलएम मो. जाकिर, परियोजना निदेशक राम दरश चौधरी सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

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