ब्यूरो रिपोर्ट/ अनुभव पटेल/निचलौल
निचलौल (महराजगंज) निचलौल क्षेत्र में आज गैस एजेंसी पर उस समय अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला, जब गैस सिलेंडरों की कमी के चलते सैकड़ों उपभोक्ता एजेंसी परिसर के बाहर इकट्ठा हो गए। सुबह से ही लोग सिलेंडर लेने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए, लेकिन पर्याप्त आपूर्ति न होने के कारण अधिकांश लोगों को घंटों इंतजार करना पड़ा।
तेज धूप और गर्मी के बावजूद महिलाओं, बुजुर्गों और युवाओं की भीड़ लगातार बढ़ती रही। कई उपभोक्ताओं ने बताया कि वे सुबह से लाइन में लगे हैं, लेकिन दोपहर तक भी गैस नहीं मिल सकी। इस अव्यवस्था के चलते लोगों में आक्रोश भी देखा गया, हालांकि स्थिति पुलिस के हस्तक्षेप के बाद नियंत्रित हो गई।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि गैस की अनियमित आपूर्ति के कारण उनके दैनिक जीवन पर गहरा असर पड़ रहा है। खाना बनाने जैसी बुनियादी जरूरत भी अब चुनौती बनती जा रही है। लोगों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि गैस की आपूर्ति को जल्द से जल्द सुचारु किया जाए और वितरण व्यवस्था को पारदर्शी व व्यवस्थित बनाया जाए।
पुलिस ने संभाली कमान, स्थिति हुई नियंत्रित
सूचना मिलते ही निचलौल थानाध्यक्ष अखिलेश वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उनकी सक्रियता और सूझबूझ के चलते भीड़ को व्यवस्थित किया गया तथा किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना को होने से रोका गया। पुलिस की मौजूदगी से मौके पर शांति व्यवस्था कायम रही।
थानाध्यक्ष निचलौल अखिलेश वर्मा का बयान:
“गैस एजेंसी पर भीड़ की सूचना मिलते ही पुलिस टीम तत्काल मौके पर पहुंची। हमारी प्राथमिकता आम जनता की सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखना है।
सभी नागरिकों से अपील है कि वे धैर्य बनाए रखें, अनुशासन का पालन करें और किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न दें। यदि किसी को कोई समस्या होती है या अव्यवस्था नजर आती है, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें।
हम प्रशासन व संबंधित विभागों के साथ समन्वय बनाकर स्थिति को पूरी तरह नियंत्रण में रखे हुए हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि सभी उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं व्यवस्थित तरीके से सुविधा मिल सके।”
निष्कर्ष:
गैस सिलेंडर की कमी ने निचलौल क्षेत्र में लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। ऐसे में जरूरी है कि संबंधित विभाग समय रहते आपूर्ति को संतुलित करे और वितरण प्रणाली को बेहतर बनाए, ताकि आम जनता को इस तरह की कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।