ब्यूरो रिपोर्ट/मिर्जापुर
मिर्जापुर के बीएलजे इंटर कॉलेज में संचालित मध्याह्न भोजन (एमडीएम) योजना में बड़े पैमाने पर घोटाले का मामला सामने आया है। आरोप है कि कार्यवाहक प्रधानाचार्य और खास अध्यापक रवि केशरी द्वारा योजना के तहत फर्जी हाजिरी भरकर सरकारी धन का दुरुपयोग किया जा रहा है।
सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि विद्यालय में अभी तक कक्षाओं का संचालन शुरू नहीं हुआ है, बावजूद इसके एमडीएम योजना के तहत छात्रों की उपस्थिति दर्ज कर भोजन वितरण दिखाया जा रहा है। इससे पूरे मामले में गंभीर अनियमितता की आशंका और गहरा गई है।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि विद्यालय में गैस सिलेंडर का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा, बल्कि सूखे पेड़ों की लकड़ी से भोजन तैयार किया जा रहा है। वहीं, भोजन बनाने वाली रसोइया के अपने बच्चे भी इस विद्यालय में अध्ययनरत नहीं हैं, जिससे चयन प्रक्रिया पर भी सवाल उठ रहे हैं।
स्थानीय लोगों का आरोप है कि आरोपी शिक्षक रवि केशरी एमडीएम के नाम पर दिनभर इधर-उधर घूमता रहता है और खुद को प्रबंध समिति अध्यक्ष का करीबी बताकर लोगों को धमकाता है। यह भी आरोप है कि वह योजना के तहत मिलने वाली राशि का निजी लाभ के लिए इस्तेमाल कर रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द ही और बड़े खुलासे हो सकते हैं।
⚖️ घोटाले पर रोक के लिए जरूरी कदम:
🔹 नियमित निरीक्षण: एमडीएम योजना की समय-समय पर औचक जांच हो।
🔹 पारदर्शिता: खर्च और उपस्थिति का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाए।
🔹 जवाबदेही तय: जिम्मेदार अधिकारियों पर स्पष्ट कार्रवाई हो।
🔹 शिकायत तंत्र मजबूत: अभिभावकों और स्थानीय लोगों के लिए आसान शिकायत प्रणाली विकसित की जाए।
यह मामला न केवल सरकारी धन के दुरुपयोग का संकेत देता है, बल्कि बच्चों के अधिकारों के साथ भी खिलवाड़ है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कितनी सख्ती से कार्रवाई करता है।