ब्यूरो रिपोर्ट/राकेश त्रिपाठी/महाराजगंज
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महराजगंज भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से जुड़े महराजगंज जनपद में सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई हैं। करीब 84 किलोमीटर लंबी सीमा पर निगरानी को अभूतपूर्व स्तर तक बढ़ा दिया गया है। अवैध घुसपैठ, हथियारों की तस्करी और संदिग्ध नकदी के प्रवाह को रोकने के लिए हर एंट्री पॉइंट पर सख्त जांच की जा रही है।
नेपाल से आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की गहन तलाशी ली जा रही है। उनके सामान की भी बारीकी से जांच हो रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को शुरुआत में ही रोका जा सके। संवेदनशील इलाकों में हाईटेक निगरानी व्यवस्था लागू करते हुए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों की मदद से 24 घंटे नजर रखी जा रही है।
सीमा क्षेत्र में सशस्त्र सीमा बल (SSB) और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार गश्त कर रही हैं। खासकर सोनौली बॉर्डर और अन्य संवेदनशील स्थानों पर सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया गया है।
इसी कड़ी में गोरखपुर रेंज के डीआईजी, महराजगंज के जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा और पुलिस अधीक्षक ने सोनौली बॉर्डर का निरीक्षण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया। अधिकारियों ने सीमा पर तैनात विभिन्न एजेंसियों के साथ उच्च स्तरीय बैठक कर मौजूदा हालात की समीक्षा की और जरूरी निर्देश दिए।
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में लगातार निगरानी और समीक्षा बैठकों का सिलसिला जारी है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि सुरक्षा के साथ-साथ आम नागरिकों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो, इसका भी विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक के दौरान भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सूचनाओं के आदान-प्रदान को और प्रभावी बनाने पर जोर दिया गया। साथ ही तस्करी और अवैध गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए समन्वय बढ़ाने की रणनीति तैयार की गई।
प्रशासन ने साफ किया है कि आगामी चुनावी माहौल को देखते हुए सीमा पर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी सतर्कता के साथ हर गतिविधि पर नजर बनाए हुए हैं।
कुल मिलाकर, महराजगंज की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर इस समय सुरक्षा व्यवस्था ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तहत संचालित की जा रही है, जिससे किसी भी संदिग्ध गतिविधि को पनपने का मौका न मिल सके।