ब्यूरो रिपोर्ट/अनुभव पटेल/निचलौल
महराजगंज, 13 अप्रैल:जनपद में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए परिवहन विभाग ने रविवार को बड़ा अभियान चलाया। निचलौल क्षेत्र के दामोदरी पोखरे के पास एआरटीओ प्रशासन की टीम ने “यूपी एकीकृत स्कूल बस मॉनिटरिंग पोर्टल” के जरिए स्कूली वाहनों की फिटनेस और सुरक्षा मानकों की सघन जांच की। छुट्टी के दिन हुई इस अचानक कार्रवाई से स्कूल प्रबंधकों और वाहन संचालकों में हड़कंप मच गया।
सुरक्षा मानकों की गहन जांच!
अभियान के दौरान अधिकारियों ने स्कूल बसों और वैन की केवल औपचारिक जांच ही नहीं, बल्कि हर जरूरी तकनीकी और सुरक्षा पहलुओं को बारीकी से परखा। जांच में मुख्य रूप से शामिल रहे:
फिटनेस प्रमाणपत्र, बीमा और चालक का लाइसेंस!
प्राथमिक उपचार किट और अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता
गति नियंत्रक (स्पीड गवर्नर) और जीपीएस प्रणाली की कार्यशीलता
अधिकारियों ने बताया कि “यूपी एकीकृत स्कूल बस मॉनिटरिंग पोर्टल” के माध्यम से अब वाहनों की निगरानी अधिक पारदर्शी और प्रभावी हो गई है, जिससे किसी भी अनफिट वाहन को बच्चों के परिवहन में इस्तेमाल होने से रोका जा सके।
नियमों की अनदेखी पर तत्काल कार्रवाई!
जांच के दौरान जिन वाहनों में सुरक्षा मानकों की कमी पाई गई, उनके खिलाफ मौके पर ही चालान किया गया। साथ ही सख्त चेतावनी दी गई कि बच्चों की सुरक्षा से किसी भी तरह का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और भविष्य में कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्कूल प्रबंधन को सख्त निर्देश!
जांच अभियान में मौजूद एआरटीओ कार्यालय के अधिकारी अभिषेक श्रीवास्तव ने विद्यालय संचालकों और चालकों को निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से स्वयं भी वाहनों की सुरक्षा जांच सुनिश्चित करें। उन्होंने स्पष्ट कहा कि केवल कागजी औपचारिकताएं पूरी करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।
अभिभावकों ने जताया संतोष
प्रशासन की इस सक्रियता को लेकर अभिभावकों ने संतोष व्यक्त किया है। उनका कहना है कि इस तरह की कार्रवाई से बच्चों की सुरक्षा को लेकर भरोसा बढ़ता है।
आगे भी जारी रहेगा अभियान
परिवहन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह विशेष जांच अभियान केवल एक दिन तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि जनपद के अन्य क्षेत्रों में भी लगातार चलाया जाएगा, ताकि सभी स्कूली वाहन निर्धारित मानकों के अनुरूप संचालित हों।