ब्यूरो रिपोर्ट अभिषेक श्रीवास्तव
वरिष्ठ सवांददाता, महराजगंज
गोरखपुर–नरकटियागंज रेल खंड एक बार फिर गंभीर आरोपों की आग में घिर गया है। सिसवा से पनियहवा तक के रेलवे स्टेशनों के बीच सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे ऑडियो और वीडियो ने पूरे सिस्टम पर सवाल खड़े कर दिए हैं। इन वायरल क्लिप्स में अवैध वेंडरों और फल विक्रेताओं से पैसे लेकर “लाइन बांधने” व जीआरपी सिपाही को पैसा देने का खेल उजागर होने का दावा किया जा रहा है—एक ऐसा खेल, जिसमें कथित तौर पर रेलवे सुरक्षा तंत्र की भूमिका भी संदेह के घेरे में है।
सबसे चौंकाने वाला वीडियो एक महिला का है, जिसने खड्डा रेलवे स्टेशन से जुड़े “गुड्डू” नाम के व्यक्ति पर 5 हजार रुपये लेकर ट्रेन में सामान बेचने की अनुमति दिलाने का आरोप लगाया है। वीडियो में यह भी दावा किया जा रहा है कि पनियहवा तक वेंडिंग के लिए जीआरपी को पैसे देकर रास्ता साफ कराया जाता है। जब महिला ने विरोध किया, तो उसके साथ कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल भी किया गया—जिससे मामला और भड़क गया है।
यहीं नहीं, कई अन्य ऑडियो क्लिप्स में भी अलग-अलग वेंडरों से पैसे की मांग की बात सामने आ रही है। इन सबके बीच जब जीआरपी चौकी इंचार्ज गोपाल यादव से सवाल किया गया, तो उन्होंने पूरे मामले को सिरे से खारिज करते हुए इसे विभाग को बदनाम करने की साजिश बताया। उनका कहना है कि ऐसे अफवाह फैलाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि, यह पहली बार नहीं है जब “गुड्डू” नाम चर्चा में आया हो। इससे पहले भी कथित तौर पर शराब तस्करी से जुड़े कई ऑडियो वायरल हो चुके हैं, जिनमें नेटवर्क की गहराई और सांठगांठ की झलक मिली थी।
अब सवाल यह है—क्या यह सिर्फ साजिश है या सच में रेल मार्ग पर चल रहा है अवैध वसूली का संगठित खेल? वायरल सबूतों की सच्चाई क्या है, यह जांच का विषय है, लेकिन इतना तय है कि इस मामले ने रेलवे सुरक्षा और व्यवस्था दोनों को कटघरे में खड़ा कर दिया है।