न्यूज रिपोर्ट/ नरसिंह उपाध्याय निचलौल
उप सम्पादक
“कागजों पर जिंदा किए गए मृतक, जमीन पर बेघर होती विधवा — कब टूटेगा फर्जीवाड़े का यह चक्रव्यूह?”
निचलौल (महाराजगंज) महाराजगंज जिले की निचलौल तहसील से जालसाजी का एक ऐसा चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने कानून-व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता दोनों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्राम सभा कटहरी कला में एक बेसहारा विधवा की जमीन कब्जाने के लिए मृत व्यक्ति को कागजों में जिंदा दिखाकर उससे अंगूठा लगवाने का दावा किया गया।
मामला ग्राम कटहरी कला निवासी लालती भारती का है। पीड़िता का आरोप है कि गांव के ही एक रसूखदार व्यक्ति रामसेवक ने उनके दिवंगत पति पुनवासी भारती के नाम से फर्जी समझौता पत्र तैयार कराया, जिसका उद्देश्य उन्हें उनके पुश्तैनी घर और जमीन से बेदखल करना है।
दस्तावेजों ने खोली साजिश की पोल
इस प्रकरण में सबसे चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है स्टांप पेपर की खरीद और उस पर दर्ज तारीख को लेकर। जिस ₹50 के स्टांप पेपर पर कथित समझौता दर्शाया गया है, वह दिसंबर 2025 में खरीदा गया बताया जा रहा है, जबकि दस्तावेज पर 2 अप्रैल 2023 की तारीख दर्ज है।
आरोप है कि यह बैकडेटिंग जानबूझकर की गई, ताकि यह साबित किया जा सके कि जब पुनवासी भारती जीवित थे, तभी उन्होंने जमीन का समझौता किया था। लेकिन स्टांप खरीद की वास्तविक तारीख ने पूरे फर्जीवाड़े की कलई खोल दी।
प्रशासन से पीड़िता के तीखे सवाल
तहसीलदार निचलौल को सौंपे गए शिकायती पत्र में पीड़िता ने भावुक स्वर में सवाल किया—
“जब मेरे पति इस दुनिया में नहीं हैं, तो क्या वे कागजों पर अंगूठा लगाने के लिए वापस आ गए थे?”
पीड़िता के मुख्य आरोप
मृत पति के हस्ताक्षर व अंगूठे के निशान पूरी तरह जाली
फर्जी कागजात के सहारे जमीन व मकान कब्जाने की कोशिश
घर से बेदखल होकर दूसरों के यहां शरण लेने की मजबूरी
फॉरेंसिक जांच कर सच्चाई उजागर करने की मांग
बड़े फर्जीवाड़े की आशंका
स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच हुई, तो क्षेत्र में सक्रिय बैकडेट में दस्तावेज तैयार करने वाले संगठित गिरोह का खुलासा हो सकता है।
शिकायत मिलने के बाद अब पूरा मामला प्रशासन की कार्रवाई पर टिका है। क्षेत्र में रोष व्याप्त है और लोग यह जानना चाहते हैं कि क्या कानून एक विधवा को उसका हक दिला पाएगा, या फिर भू-माफिया सिस्टम की खामियों का फायदा उठाकर उसका आशियाना छीन लेंगे।