रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी महराजगंज
महराजगंज/मधवलिया।
भारत–नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे मधवलिया वन रेंज क्षेत्र में वन विभाग ने वन्यजीव तस्करी के खिलाफ बड़ी और सराहनीय कार्रवाई करते हुए एक संदिग्ध शिकारी को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान उसके कब्जे से दुर्लभ प्रजाति के आठ लालसर पक्षी बरामद किए गए, जिन्हें नेपाल तस्करी की फिराक में रखा गया था। वन विभाग ने आरोपी के खिलाफ वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे जेल भेज दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, क्षेत्रीय वनाधिकारी (आरएफओ) मधवलिया अजित कुमार को एक विश्वसनीय मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक पेशेवर शिकारी सीमा क्षेत्र में सक्रिय है और संरक्षित पक्षियों का शिकार कर उन्हें अवैध रूप से नेपाल ले जाने की तैयारी में है। सूचना को गंभीरता से लेते हुए वन विभाग ने तत्काल रणनीति तैयार की और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) ठूठीबारी के साथ संयुक्त टीम का गठन कर सीमा क्षेत्र में चौकसी बढ़ा दी गई।
सूचना के आधार पर चलाए गए तलाशी एवं घेराबंदी अभियान के दौरान ग्रामसभा मरचहवा स्थित एक बगीचे में एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां नजर आईं। टीम ने तत्परता दिखाते हुए उसे मौके पर ही पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उसके पास से आठ लालसर पक्षी बरामद किए गए, जिन्हें उसने शिकार कर अवैध रूप से अपने कब्जे में रखा था।
पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान नसरुल्लाह (37 वर्ष) पुत्र निवासी ग्राम कुसमही, थाना रामकोला, जिला कुशीनगर के रूप में बताई। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी संकेत मिले हैं कि आरोपी पहले भी इस तरह की गतिविधियों में संलिप्त रहा हो सकता है। वन विभाग इस बिंदु पर भी गहन जांच कर रहा है कि कहीं इसके पीछे कोई संगठित तस्करी गिरोह तो सक्रिय नहीं है।
वन विभाग ने बरामद किए गए सभी आठ लालसर पक्षियों को अपने संरक्षण में ले लिया है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए आरोपी को मधवलिया रेंज द्वारा न्यायालय में प्रस्तुत किया गया, जहां से उसे वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
इस कार्रवाई को भारत–नेपाल सीमा पर वन्यजीव संरक्षण की दिशा में एक बड़ी सफलता माना जा रहा है। आरएफओ अजित कुमार ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में वन्यजीव तस्करी को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने आम जनता से भी अपील की कि यदि कहीं वन्यजीव शिकार या तस्करी से जुड़ी कोई संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल वन विभाग को सूचित करें।
वन विभाग और एसएसबी की इस संयुक्त कार्रवाई से न सिर्फ एक बड़ी तस्करी की कोशिश नाकाम हुई है, बल्कि यह संदेश भी गया है कि जंगल और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क और प्रतिबद्ध है।