ब्यूरो रिपोर्ट /राजीव त्रिपाठी महाराजगंज
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महराजगंज जिले के खजुरिया गांव से एक गंभीर मामला सामने आया है, जहां मठ की जमीन के कथित रूप से अवैध बिक्री को लेकर ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है। एक ओर सरकार मठ और मंदिरों की जमीन को सुरक्षित करने के लिए सख्त कदम उठा रही है, वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रही हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, खजुरिया निवासी सदानंद यादव ने प्रशासन को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है कि गांव में लगभग 40 वर्ष पूर्व “वसुधा मठ” के नाम से करीब 20 एकड़ जमीन दर्ज थी। आरोप है कि मठ की देखरेख का जिम्मा संभाल रहे रमाकांत ने धीरे-धीरे इस जमीन को कब्रिस्तान सहित अन्य लोगों को बेच दिया।
ग्रामीणों का कहना है कि रमाकांत को केवल मठ की देखभाल का अधिकार प्राप्त था, न कि जमीन बेचने का। बावजूद इसके, जमीन की बिक्री किए जाने से गांव में रोष और असंतोष का माहौल है। लोगों ने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
मामले को लेकर जब सदर एसडीएम जितेंद्र कुमार से बात की गई, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि प्रकरण उनके संज्ञान में है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी और किसी भी सूरत में मठ या मंदिर की जमीन को बेचने नहीं दिया जाएगा।
अब सवाल यह उठता है कि क्या जांच के बाद आरोपितों पर सख्त कार्रवाई होगी या यह मामला भी अन्य मामलों की तरह ठंडे बस्ते में चला जाएगा। फिलहाल, पूरे घटनाक्रम पर ग्रामीणों और प्रशासन की नजरें टिकी हुई हैं।