ब्यूरो रिपोर्ट /नरसिंह उपाध्याय महराजगंज फरेंदा
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फरेंदा (महराजगंज) कोतवाली थाना फरेंदा में महिला अधिवक्ता के साथ कथित अभद्रता व धमकी के मामले ने तूल पकड़ लिया है। सिविल कोर्ट फरेंदा में प्रैक्टिस करने वाली महिला अधिवक्ता निशा मौर्य के समर्थन में अधिवक्ता संघ एकजुट नजर आया। बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने महिला अधिवक्ता के साथ कोतवाली व बाद में क्षेत्राधिकारी (CO) कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले से अवगत कराते हुए निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की।
बताया गया कि 04 फरवरी 2026 को महिला अधिवक्ता अपने पिता से संबंधित एक प्रकरण की तहरीर पर कार्रवाई के संबंध में अन्य अधिवक्ताओं के साथ कोतवाली फरेंदा पहुंची थीं। इसी दौरान प्रभारी निरीक्षक का व्यवहार अचानक उग्र हो गया और महिला अधिवक्ता के साथ-साथ मौजूद अधिवक्ताओं के सामने कथित रूप से अभद्र व अपमानजनक भाषा का प्रयोग करते हुए धमकी दी गई।
महिला अधिवक्ता द्वारा लगाए गए आरोपों के अनुसार, प्रभारी निरीक्षक ने कहा—
“तुम्हारी क्या औकात है, तुम्हें रंग देंगे, यहां से नहीं भागी तो महिला पुलिस बुलाकर जेल भिजवा देंगे।”
इस कथित घटनाक्रम से अधिवक्ता समुदाय में भारी आक्रोश व्याप्त है।
घटना के विरोध में अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी व सदस्य एकजुट होकर सीओ फरेंदा से मिले और लिखित रूप से शिकायत सौंपते हुए मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए। अधिवक्ताओं ने कहा कि यदि महिला अधिवक्ता के साथ हुए कथित दुर्व्यवहार पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन किया जाएगा।
महिला अधिवक्ता ने राज्य महिला आयोग, पुलिस के उच्चाधिकारियों एवं सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन को भी शिकायत भेजते हुए मांग की है कि
प्रभारी निरीक्षक के विरुद्ध FIR दर्ज की जाए,
निष्पक्ष जांच कराई जाए,
जांच अवधि में थाना प्रभारी को पद से हटाया जाए,
तथा उन्हें व उनके परिवार को सुरक्षा प्रदान की जाए।
सीओ ने अधिवक्ताओं को आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरा प्रकरण चर्चा का विषय बना हुआ है और अधिवक्ता समुदाय की निगाहें प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हैं।