ब्यूरो रिपोर्ट /राजीव त्रिपाठी महाराजगंज
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महराजगंज: सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के राष्ट्रीय मुख्य महासचिव एवं पूर्व मंत्री डॉ. अरविंद राजभर ने शुक्रवार को जनपद महाराजगंज का तूफानी दौरा किया। इस दौरान उन्होंने आगामी 15 मार्च 2026 को प्रस्तावित ‘सामाजिक समरसता महारैली’ की तैयारियों की समीक्षा की और कार्यकर्ताओं से इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने का आह्वान किया। डॉ. राजभर ने स्पष्ट किया कि पार्टी अब 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए ‘मिशन मोड’ में आ चुकी है।
बूथ स्तर तक कसा गया संगठन का पेंच:
स्थानीय बैठक में कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए डॉ. राजभर ने कहा कि रैली की सफलता के लिए सूक्ष्म स्तर (Micro-level) पर रणनीति तैयार की गई है। उन्होंने न्याय पंचायत स्तर के पदाधिकारियों को सीधी जवाबदेही सौंपते हुए निर्देश दिया कि प्रत्येक बूथ पर जनसंपर्क अभियान तेज किया जाए। उन्होंने कहा, “हमारी प्राथमिकता सामाजिक समरसता के साथ-साथ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और युवाओं को स्वरोजगार के समान अवसर दिलाना है।”
बेटियों की शिक्षा मुफ्त और संविधान का अध्ययन अनिवार्य:
प्रेस वार्ता के दौरान डॉ. राजभर ने पार्टी का भविष्य का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि आगामी समय में उत्तर प्रदेश में पुनः प्रचंड बहुमत के साथ NDA सरकार का गठन होगा। उन्होंने क्रांतिकारी कदम का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि राज्य में बेटियों की शिक्षा को पूर्णतः निःशुल्क करना और प्राथमिक स्तर से ही बच्चों को ‘भारत के संविधान’ का समग्र अध्ययन कराना समय की मांग है। इसके अलावा, उन्होंने मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना के विस्तार पर भी जोर दिया।
संवैधानिक संस्थाओं का सम्मान जरूरी:
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को मिली राहत और उनके द्वारा केंद्र पर लगाए गए आरोपों के सवाल पर डॉ. राजभर ने सधा हुआ रुख अपनाया। उन्होंने कहा, “न्यायपालिका सर्वोपरि है, लेकिन हर कानूनी प्रक्रिया को राजनीतिक षड्यंत्र बताना संवैधानिक संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुँचाना है। जनता अब भावनात्मक बयानों के बजाय पारदर्शिता और जवाबदेही चाहती है।”
निरीक्षण और अपील:
दौरे के अंत में डॉ. राजभर ने रैली स्थल का भौतिक निरीक्षण किया। उन्होंने जनपदवासियों से अपील की कि वे 15 मार्च को बड़ी संख्या में पहुंचकर सामाजिक समरसता के संकल्प को मजबूती प्रदान करें। इस अवसर पर पार्टी के जिला एवं मंडल स्तर के तमाम पदाधिकारी और भारी संख्या में कार्यकर्ता मौजूद रहे।