*षड्यंत्र का पर्दाफाश: भाजपा नेता गौतम तिवारी को बदनाम करने के लिए ‘AI’ का सहारा, विपक्ष की ओछी राजनीति आई सामने।*

न्यूज रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी महाराजगंज 

प्रधान सम्पादक 

 

महराजगंज: महराजगंज भारतीय जनता पार्टी के जिला महामंत्री गौतम तिवारी की स्वच्छ छवि को धूमिल करने के लिए विरोधियों द्वारा तकनीक का सहारा लेकर एक बड़ा राजनैतिक षड्यंत्र रचा गया है। पिछले कुछ घंटों से सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से प्रसारित किया जा रहा है, जिसमें नोटों की गड्डियों के साथ उनकी तस्वीर दिखाई जा रही है। हालांकि, गौतम तिवारी ने इस वीडियो को पूरी तरह फर्जी और ‘AI जनरेटेड’ (डीपफेक) करार देते हुए विपक्षी दल पर तीखा हमला बोला है।

 

साजिश के पीछे विपक्षी हाथ?:

 

मामले का खुलासा करते हुए गौतम तिवारी ने बताया कि यह वीडियो पूरी तरह से आधुनिक तकनीक के जरिए तैयार किया गया है ताकि उनकी और पार्टी की प्रतिष्ठा को चोट पहुँचाई जा सके। उन्होंने सीधे तौर पर समाजवादी पार्टी की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि:

इस फर्जी वीडियो को सबसे पहले सपा के नेता और मुलायम सिंह यूथ ब्रिगेड के प्रदेश सचिव राहुल यादव की आईडी से पोस्ट किया गया। यह साफ दर्शाता है कि जब विकास के मुद्दे पर विपक्ष के पास बोलने को कुछ नहीं बचा, तो वे अब एआई (AI) तकनीक का सहारा लेकर चरित्र हनन की गंदी राजनीति पर उतर आए हैं।”

 

बेदाग रहा है अब तक का सफर:

 

अपनी बात मजबूती से रखते हुए भाजपा नेता ने कहा कि उनका पूरा जीवन एक खुली किताब की तरह है। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

 

साधारण जीवनशैली: वे वर्षों से एक अत्यंत साधारण जीवन जी रहे हैं।

क्लीन रिकॉर्ड: आज तक उनके पूरे जीवनकाल में उनका कोई भी आपराधिक इतिहास या कृत्य नहीं रहा है।

मनोबल गिराने की कोशिश: यह वीडियो केवल चुनावी और राजनैतिक लाभ लेने के लिए उनकी प्रतिष्ठा और मनोबल को गिराने की एक नाकाम कोशिश है।

 

तकनीक का दुरुपयोग और कानूनी कार्रवाई:

 

विशेषज्ञों का भी मानना है कि वर्तमान दौर में एआई और डीपफेक तकनीक के जरिए किसी भी व्यक्ति की फोटो या आवाज का गलत इस्तेमाल करना बेहद आसान हो गया है। गौतम तिवारी ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कानूनी कार्रवाई के संकेत दिए हैं ताकि इस तरह के ‘डिजिटल अपराध’ को अंजाम देने वालों को बेनकाब किया जा सके।

 

जनता से अपील: भाजपा समर्थकों और प्रबुद्ध नागरिकों ने अपील की है कि बिना जांचे-परखे ऐसे भ्रामक वीडियो पर भरोसा न करें और झूठ फैलाने वालों के मंसूबों को नाकाम करें।

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