ब्यूरो रिपोर्ट /नरसिंह उपाध्याय महराजगंज
उप सम्पादक
महराजगंज। सड़क हादसे में घायल महिला की इलाज के दौरान मौत के मामले ने अब तूल पकड़ लिया है। बढ़ते विवाद और परिजनों के गंभीर आरोपों के बाद स्वास्थ्य विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए नगर के चर्चित नोवा हॉस्पिटल एंड डायबिटीज केयर पर बड़ी कार्रवाई कर दी है। जांच में खामियां मिलने पर अस्पताल के ऑपरेशन थियेटर (ओटी) को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया।
बताया जा रहा है कि महिला का इलाज संदिग्ध परिस्थितियों में किया गया। परिजनों का आरोप है कि उन्हें बहलाकर जिला अस्पताल से निजी अस्पताल ले जाया गया, जबकि वे मरीज को बेहतर इलाज के लिए केएमसी कॉलेज ले जाना चाहते थे। आरोप यह भी है कि मरीज का ऑपरेशन कहीं और कराकर फिर वापस इसी अस्पताल में लाया गया, जहां हालत बिगड़ने के बाद उसकी मौत हो गई।
मौत की खबर मिलते ही परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और अस्पताल परिसर में जमकर हंगामा हुआ। मामला बढ़ने पर स्वास्थ्य विभाग हरकत में आया।
मंगलवार को नोडल अधिकारी डॉ. वीरेंद्र आर्या टीम के साथ अस्पताल पहुंचे और पूरे मामले की गहन जांच की। जांच के दौरान कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है, जिसके बाद ओटी को सील करने की कार्रवाई की गई।
सूत्रों की मानें तो यह कार्रवाई सिर्फ शुरुआत है। पूरे प्रकरण में अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ और भी कड़े कदम उठाए जा सकते हैं। वहीं, इस घटना को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन की सक्रियता तेज हो गई है।
अब बड़ा सवाल यह है कि क्या दोषियों पर ठोस कार्रवाई होगी या फिर यह मामला भी समय के साथ ठंडा पड़ जाएगा।