रिपोर्ट/विप्लव मद्धेशिया
ठूठीबारी, महाराजगंज।
ग्रामसभा ठूठीबारी के टोला धर्मौली गांव में शुक्रवार को चार दिवसीय गायत्री माता यज्ञ का शुभारंभ श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के वातावरण में हुआ। आयोजन की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से की गई, जिसमें पीतांबरी वस्त्र धारण किए करीब 500 महिलाएं एवं कुंवारी कन्याएं सिर पर कलश लेकर शामिल हुईं।
“गायत्री माता की जय” के जयघोष से पूरा क्षेत्र भक्तिमय हो उठा और वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो गया।
कलश यात्रा यज्ञ स्थल से प्रारंभ होकर धर्मौली से सड़कहवा होते हुए ठूठीबारी–रामनगर मार्ग तक गई तथा पुनः यज्ञ स्थल पर संपन्न हुई। यात्रा मार्ग पर ग्रामीणों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया, जिससे पूरा गांव उत्सव स्थल में परिवर्तित हो गया।
यह आयोजन परम पूज्य पं. श्रीराम शर्मा आचार्य की साधना परंपरा, वंदनीय माता भगवती के जन्मोत्सव, तथा अखंड दीपक प्रज्वलन के साथ शताब्दी वर्ष 2026 के उपलक्ष्य में किया जा रहा है।
कथा वाचक के रूप में शांतिकुंज, हरिद्वार से पधारे सुरेंद्र शास्त्री ने अपने प्रवचन में कहा कि यह आयोजन विश्व शांति, सामाजिक समरसता और सशक्त समाज निर्माण के उद्देश्य से किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि यज्ञ के माध्यम से सात सूत्रीय आंदोलन—साधना, सद्भाव, स्वास्थ्य, जनजागरण, कुरीतियों का उन्मूलन, व्यसन मुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और स्वावलंबन—का संदेश जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है, जिससे विचार क्रांति को गति मिलेगी।
आयोजन के ब्लॉक समन्वयक सुग्रीम गुप्त ने बताया कि चार दिनों तक चलने वाले इस धार्मिक आयोजन में यज्ञ, प्रवचन, सामूहिक साधना एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने में श्याम बिहारी प्रजापति, हीरालाल गुप्त, बद्रीलाल गुप्त और रामानंद नायक की विशेष भूमिका रही।
इस अवसर पर गायत्री परिवार एवं ग्रामीणों में रिखई धवल, नारद साहनी, अजीत यादव, शंकर मद्धेशिया, प्रतीक जोशी, मोहन यादव, अमित खरवार, गुड्डू यादव सहित सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे। आयोजन को लेकर पूरे क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है और गांव में लगातार श्रद्धालुओं का आगमन जारी है।