रिपोर्ट नरसिंह उपाध्याय महराजगंज
एक ही काम, दो योजनाओं से भुगतान! सार्वजनिक धन की सुरक्षा को लेकर जिला प्रशासन की निर्णायक कार्रवाई
निचलौल (महाराजगंज)।
निचलौल ब्लॉक की भेड़िया ग्राम पंचायत में मनरेगा पार्क निर्माण के दौरान दोहरे भुगतान का गंभीर मामला सामने आने के बाद जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और तकनीकी जांच के लिए दो सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। यह कदम सार्वजनिक धन के संभावित दुरुपयोग को रोकने और जिम्मेदारों की जवाबदेही तय करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, भेड़िया गांव में बने मनरेगा पार्क पर कुल करीब 32 लाख रुपये खर्च दिखाया गया है। इस परियोजना के लिए तीन अलग-अलग इस्टीमेट तैयार किए गए थे, जिनमें पार्क निर्माण, मिट्टी समतलीकरण और इंटरलॉकिंग कार्य शामिल हैं। अभिलेखों के मुताबिक, मनरेगा योजना के अंतर्गत केवल मिट्टी समतलीकरण कार्य पर 5.28 लाख रुपये का व्यय दर्शाया गया है।
आरोप यह है कि इसी मिट्टी समतलीकरण कार्य के लिए ग्राम पंचायत निधि से भी अलग से भुगतान किया गया। ग्राम निधि से मिट्टी गिराने के नाम पर 1.34 लाख रुपये तथा मजदूरी मद में लगभग 85 हजार रुपये का भुगतान दर्शाया गया है। इस तरह एक ही कार्य के लिए मनरेगा और ग्राम निधि दोनों मदों से भुगतान होने की बात सामने आई है, जो नियमों का स्पष्ट उल्लंघन माना जा रहा है।
इतना ही नहीं, कुछ भुगतानों के निजी खातों में किए जाने के आरोप भी लगे हैं, जिससे वित्तीय अनियमितता की आशंका और गहरी हो गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी ने तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
जांच समिति का गठन
जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति की अध्यक्षता डीसी मनरेगा करेंगे, जबकि सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता को सदस्य नामित किया गया है। समिति को सभी इस्टीमेट, भुगतान विवरण, तकनीकी स्वीकृतियां, और मौके की वास्तविक स्थिति का भौतिक सत्यापन कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रशासन का सख्त संदेश
जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने स्पष्ट कहा है कि जांच रिपोर्ट के आधार पर दोषी पाए जाने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों अथवा अन्य जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने दो टूक कहा कि सार्वजनिक धन के दुरुपयोग और प्रक्रियागत लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
यह कार्रवाई न केवल भेड़िया ग्राम पंचायत के लिए चेतावनी है, बल्कि पूरे जिले में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने का स्पष्ट संदेश भी देती है। अब सभी की निगाहें जांच समिति की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जिससे यह तय होगा कि जिम्मेदारी किसकी है और कार्रवाई कितनी सख्त होगी।