*करंट बना काल: मां को बचाने दौड़ा बेटा, दोनों की दर्दनाक मौत।*

ब्यूरो रिपोर्ट /राजीव त्रिपाठी /सिसवा 

सह संपादक 

सिसवा नगर में पानी के मोटर से फैली बिजली, परिवार पर टूटा कहर

महराजगंज जिले के सिसवा नगरपालिका क्षेत्र में शुक्रवार को एक ऐसा हृदयविदारक हादसा हुआ, जिसने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। पानी के मोटर में उतरे करंट ने एक ही परिवार के दो जिंदगियां लील लीं—पहले मां और फिर उसे बचाने की कोशिश में बेटे की मौत हो गई।

 

घटना चौधरी चरण सिंह वार्ड की है, जहां किसान रामदेव सिंह का परिवार रहता है। शुक्रवार पूर्वाह्न करीब 11 बजे जब रामदेव खेत से घर लौटे, तो उन्होंने पत्नी को पानी के लिए आवाज दी। आवाज सुनकर घर में पढ़ रहा उनका 17 वर्षीय बेटा अखिलेश मां को बुलाने किचन की ओर गया।

 

लेकिन वहां का मंजर देखकर उसके पैरों तले जमीन खिसक गई। उसकी मां, 45 वर्षीय रंभा देवी, पानी के मोटर के पास अचेत पड़ी थीं। मां को संभालने के लिए जैसे ही अखिलेश ने उन्हें छूने की कोशिश की, वह भी करंट की चपेट में आ गया।

 

कुछ देर तक कोई हलचल न होने पर जब रामदेव खुद अंदर पहुंचे, तो मां-बेटे दोनों को अचेत अवस्था में देखकर उनके होश उड़ गए। परिजन तत्काल दोनों को सिसवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

 

इस हृदय विदारक घटना से परिवार में कोहराम मच गया और पूरे मोहल्ले में शोक की लहर दौड़ गई। सूचना मिलते ही कोठीभार थाने के प्रभारी निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू की, लेकिन परिजनों ने इससे इनकार कर दिया।

 

थानाध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह के अनुसार, परिजनों को समझाने का प्रयास जारी है और उनकी सहमति मिलने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

 

यह हादसा एक बार फिर बिजली सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है, जहां एक छोटी सी लापरवाही ने एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए छीन लीं।

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