ब्यूरो रिपोर्ट/ नरसिंह उपाध्याय महराजगंज
उप सम्पादक
महराजगंज: एक तरफ जहाँ पूरा देश और जनपद होली के उल्लास में डूबा है और लोग एक-दूसरे से गले मिलकर भाईचारे का संदेश दे रहे हैं, वहीं मंगलवार, 03 मार्च 2026 को जिला आबकारी कार्यालय में इसके ठीक उलट एक शर्मनाक तस्वीर देखने को मिली। आबकारी विभाग के जिम्मेदार अधिकारियों ने न केवल अपनी पद की गरिमा को ताक पर रखा, बल्कि अपनी खबरों से विभाग को आईना दिखाने वाले एक स्थानीय टीवी चैनल के पत्रकार राकेश त्रिपाठी का सार्वजनिक रूप से मानसिक शोषण और उपहास किया।
खबर छापने की मिली ‘सजा’:
जानकारी के अनुसार, पत्रकार राकेश त्रिपाठी होली मिलन के उपलक्ष्य में जिला आबकारी अधिकारी के कार्यालय पहुंचे थे। अभी वे अपनी गाड़ी से उतरे ही थे कि आबकारी निरीक्षक (निचलौल) वैभव यादव, आबकारी निरीक्षक (सदर) गिरीश कुमार और कार्यालय के बड़े बाबू ने उन्हें घेर लिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वैभव यादव ने पत्रकार पर कटाक्ष करते हुए कहा, “आप हमारी खबरें बहुत मन से छापते हैं और कमिश्नर साहब को टैग करके ट्वीट करते हैं।” इतना ही नहीं, निरीक्षक ने अपनी फटी हुई शर्ट की आस्तीन दिखाते हुए पत्रकार को चुनौती भरे लहजे में कहा, “आज मेरी शर्ट फटी हुई है, इसे भी अखबार में छाप दीजिएगा और हमारे कमिश्नर साहब को टैग कर दीजिएगा।”
लोकतंत्र के चौथे स्तंभ का अपमान:
इस दौरान आबकारी निरीक्षक सदर गिरीश कुमार ने भी पत्रकार का जमकर उपहास उड़ाया। एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा इस तरह की भाषा और व्यवहार यह दर्शाता है कि विभाग अपनी कमियों को सुधारने के बजाय, उसे उजागर करने वालों को निशाना बनाने में अधिक विश्वास रखता है। पत्रकार का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने पूर्व में आबकारी विभाग की अनियमितताओं को प्रमुखता से प्रकाशित किया था।
पत्रकार जगत में भारी रोष:
होली जैसे पावन पर्व पर आबकारी निरीक्षकों की इस ‘ओछी’ हरकत की पत्रकार जगत में कड़ी निंदा हो रही है। पत्रकारों का कहना है कि अगर अधिकारी जनता के सेवक होकर इस तरह का सामंती व्यवहार करेंगे, तो निष्पक्ष पत्रकारिता करना कठिन हो जाएगा।
“क्या सच्चाई लिखना अब अपराध है? अगर आबकारी निरीक्षक अपनी फटी शर्ट के बहाने पत्रकार का मजाक उड़ा रहे हैं, तो यह सीधे तौर पर अभिव्यक्ति की आजादी को दबाने की कोशिश है। प्रशासन को इस पर तुरंत संज्ञान लेना चाहिए।”