ब्यूरो रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी महाराजगंज
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महराजगंज, 05 अप्रैल 2026। जिले में भूमि विवाद मुक्त राजस्व ग्राम एवं फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान को गति देने के लिए जिलाधिकारी द्वारा ऑनलाइन समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
समीक्षा के दौरान भूमि विवाद मुक्त राजस्व ग्राम अभियान के अंतर्गत वादों के चिन्हांकन एवं श्रेणीकरण की प्रगति पर चर्चा की गई। तहसीलों से प्राप्त जानकारी के अनुसार करीब 50 प्रतिशत ग्रामों में चिन्हांकन का कार्य पूर्ण हो चुका है, जबकि शेष कार्य प्रगति पर है। निर्देश दिए गए कि आगामी 2–3 दिनों में चिन्हांकन कार्य हर हाल में पूरा कर लिया जाए और उसके बाद वादों के निस्तारण की प्रक्रिया युद्धस्तर पर शुरू की जाए। साथ ही एक सप्ताह के भीतर अभियान का प्रभाव जमीन पर दिखना चाहिए, जिसकी जिम्मेदारी संबंधित उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदारों को सौंपी गई है।
इसके बाद फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान की समीक्षा करते हुए इसे शासन की प्राथमिकता बताते हुए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए गए। लेखपालों को गांवों में आवश्यकतानुसार रात्रि निवास कर खतौनी संबंधी समस्याओं का त्वरित समाधान करने और फॉर्मर रजिस्ट्री कार्य को समयबद्ध ढंग से पूरा करने को कहा गया।
06 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान उन गांवों को प्राथमिकता दी जाएगी जहां फॉर्मर रजिस्ट्री कम हुई है। इन गांवों में कैंप लगाकर खतौनी शुद्धिकरण, नेम मैच स्कोर (NMS) और अंश निर्धारण की प्रक्रिया पूरी कर अधिक से अधिक किसानों को फॉर्मर रजिस्ट्री के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान को सफल बनाने के लिए राजस्व विभाग के लेखपाल, कृषि विभाग के तकनीकी सहायक वर्ग-सी, खंड तकनीकी प्रबंधक (BTM) एवं सहायक तकनीकी प्रबंधक (ATM) को कैंप मोड में ऑपरेटर के रूप में तैनात करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही कैंप स्थल ऐसे स्थानों पर निर्धारित करने को कहा गया है जहां आमजन को सुविधा हो और बिजली, इंटरनेट, कुर्सी एवं मेज जैसी आवश्यक व्यवस्थाएं उपलब्ध हों।
स्पष्ट किया गया कि भूमि विवाद मुक्त ग्राम एवं फॉर्मर रजिस्ट्री अभियान शासन की शीर्ष प्राथमिकताओं में शामिल हैं और भविष्य में किसानों को विभिन्न योजनाओं का लाभ फॉर्मर आईडी के माध्यम से ही मिलेगा। किसी भी स्तर पर लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कार्मिकों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जनसामान्य से अपील की गई है कि वे इन अभियानों में सहयोग करें और किसान कैंपों में पहुंचकर अपनी फॉर्मर आईडी बनवाएं, ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।