ब्यूरो रिपोर्ट/ रंजीत पटेल सिंदुरिया महराजगंज
देउरवा वाइन शॉप में ‘स्टिकर घोटाला’! पुराने माल पर नया रेट, आबकारी पर उठे गंभीर सवाल।
महराजगंज के सिंदुरिया थाना क्षेत्र अंतर्गत चिउटहां चौकी के देउरवा वाइन शॉप पर गंभीर अनियमितताओं का बड़ा खुलासा सामने आया है। दुकान के मालिक अभिषेक जायसवाल और मुनीब अमन कसौधन पर आरोप है कि वे पुराने स्टॉक की शराब को नए दामों के स्टिकर लगाकर अवैध रूप से बेच रहे हैं।
सूत्रों के मुताबिक, 160 रुपये कीमत वाली देशी शराब पर 170 रुपये का नया स्टिकर चिपकाकर खुलेआम ग्राहकों से वसूली की जा रही है। इतना ही नहीं, पुरानी शराब को CL-2 (देशी शराब श्रेणी) बताकर नए माल के रूप में खपाया जा रहा है, जो सीधे तौर पर कानून का उल्लंघन है।
न्यूज 18 प्लस के संवाददाता के अनुसार, जब इस पूरे मामले पर दुकान मालिक अभिषेक जायसवाल से सवाल किया गया, तो उन्होंने कथित तौर पर चौंकाने वाला बयान दिया—
“हम लोग हर महीने आबकारी विभाग को चढ़ावा देते हैं, अगर कुछ करना है तो वहीं जाकर निपटाइए।”
यह बयान न केवल पूरे सिस्टम पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि आबकारी विभाग की कार्यशैली को भी कटघरे में खड़ा करता है। बताया जा रहा है कि यह पूरा क्षेत्र हल्का आबकारी निरीक्षक वैभव यादव के अधीन आता है, लेकिन इसके बावजूद अवैध खेल धड़ल्ले से जारी है।
हैरानी की बात यह भी है कि दुकान संचालक ने यह तक स्वीकार किया कि वह खुले में मिलावटी शराब नहीं बेच पा रहा है, लेकिन अलग दुकान लेकर इस गोरखधंधे को और बड़े स्तर पर चलाने की योजना बना रहा है।
कानून की नजर में बड़ा अपराध
पुराने स्टॉक पर नया स्टिकर या होलोग्राम लगाकर शराब बेचना गंभीर आपराधिक कृत्य है।
यह सीधी जालसाजी और धोखाधड़ी है
आबकारी अधिनियम के तहत लाइसेंस रद्द हो सकता है
भारी जुर्माना और जेल की सजा तय है
पूरा स्टॉक जब्त किया जा सकता है।
स्वास्थ्य से खिलवाड़
पुरानी या मिलावटी शराब लोगों की सेहत के लिए बेहद खतरनाक होती है। ऐसे मामलों में जहरीली शराब से मौत तक हो चुकी है। यह केवल आर्थिक ठगी नहीं, बल्कि लोगों की जिंदगी से सीधा खिलवाड़ है।
पुलिस का बयान
इस मामले की सूचना मिलते ही सिंदुरिया थानाध्यक्ष राजकुमार सिंह ने कहा यह पूरी तरह गैरकानूनी है। यदि कोई ठोस साक्ष्य मिलता है तो सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अगर आप चाहे तो इस तरह के शिकायत!
यदि कहीं इस तरह का खेल हो रहा है तो आप शिकायत कर सकते हैं:
टोल-फ्री नंबर: 14405 / 1800-180-5331
व्हाट्सएप: 9454466019
जनसुनवाई पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत
नजदीकी पुलिस थाने में लिखित शिकायत
बड़ा सवाल
क्या आबकारी विभाग की मिलीभगत से चल रहा है यह गोरखधंधा? क्या जिम्मेदार अधिकारी सबकुछ जानते हुए भी आंखें मूंदे बैठे हैं? और आखिर कब तक आम जनता को इस तरह लूटा जाएगा?
निष्कर्ष:देउरवा वाइन शॉप का यह मामला केवल एक दुकान तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरे सिस्टम में व्याप्त भ्रष्टाचार और लापरवाही की ओर इशारा करता है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर कार्रवाई करता है या फिर यह खेल यूं ही चलता रहेगा।