ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी महाराजगंज
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महराजगंज, 21 फरवरी 2026। जिलाधिकारी सन्तोष कुमार शर्मा ने कैम्प कार्यालय कक्ष में ऑफलाइन तथा ऑनलाइन/आईजीआरएस पोर्टल से प्राप्त जन शिकायतों की समीक्षा बैठक कर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शिकायतों का निस्तारण गंभीरता और प्राथमिकता के आधार पर किया जाए, क्योंकि इसकी मॉनिटरिंग शासन स्तर पर भी की जा रही है।
डीएम ने निर्देशित किया कि प्रत्येक प्रकरण को ध्यानपूर्वक पढ़कर उसकी प्रकृति के अनुसार ‘मांग’ और ‘शिकायत’ की श्रेणी में वर्गीकृत किया जाए। उन्होंने कहा कि चकमार्ग, नाली निर्माण या अन्य विकास कार्यों से संबंधित प्रार्थनापत्र ‘मांग’ की श्रेणी में रखे जाएं, जबकि कार्यों में अनियमितता या गड़बड़ी से जुड़े मामलों को ‘शिकायत’ की श्रेणी में दर्ज किया जाए।
उन्होंने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी मांग या शिकायत को बिना ठोस कारण ‘स्पेशल क्लोज’ न किया जाए। अनावश्यक रूप से प्रकरण बंद करने पर शासन स्तर से कार्रवाई तय है।
सुबह 10 से 12 बजे तक अनिवार्य जन सुनवाई
जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे प्रातः 10 बजे समय से अपने कार्यालयों में उपस्थित रहें। मुख्यमंत्री कार्यालय से कभी भी ऑनलाइन जांच की जा सकती है। सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक अनिवार्य रूप से जन शिकायतों की सुनवाई सुनिश्चित की जाए।
स्वयं करें समीक्षा, ऑपरेटर पर निर्भरता नहीं
डीएम ने कहा कि आईजीआरएस की शिकायतों के निस्तारण में केवल कंप्यूटर ऑपरेटर पर निर्भर न रहें। अधिकारी स्वयं कंप्यूटर पर बैठकर प्रतिदिन समीक्षा करें और निस्तारण के बाद शिकायतकर्ता से वार्ता कर ओटीपी प्राप्त कर ही प्रकरण का समापन करें।
उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि जिन विभागों में शिकायतों की संख्या अधिक है, वे नियमित मॉनिटरिंग कर समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करें।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी महेंद्र कुमार सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) प्रशांत कुमार, अपर उप जिलाधिकारी विजय कुमार यादव, जिला विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला पंचायत राज अधिकारी, जिला समाज कल्याण अधिकारी, जिला पूर्ति अधिकारी सहित अन्य जनपद स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। सभी उप जिलाधिकारी एवं तहसीलदार ऑनलाइन माध्यम से बैठक में शामिल हुए।