*महराजगंज: डिजिटल साक्षरता से ही संभव है युवाओं का वैश्विक उत्थान: पवन दूबे।*

ब्यूरो रिपोर्ट/राकेश त्रिपाठी/निचलौल

प्रधान सम्पादक 

महराजगंज/निचलौल: गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर जनपद के प्रमुख शिक्षण संस्थान ‘सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेजेज’ में हर्षोल्लास का माहौल रहा। इस दौरान संस्थान के प्रबंध निदेशक पवन दूबे ने ध्वजारोहण के पश्चात छात्र-छात्राओं को संबोधित करते हुए शिक्षा में तकनीक के समावेश को आज की सबसे बड़ी जरूरत बताया। उन्होंने कहा कि “ज्ञान युग” में कंप्यूटर और इंटरनेट के बिना प्रगति की कल्पना करना असंभव है।

 

परंपरा और तकनीक का संगम:

पवन दूबे ने अपने संबोधन में कहा कि सरस्वती ग्रुप ऑफ कॉलेजेज का उद्देश्य केवल डिग्रियां बांटना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को मानसिक रूप से इतना सशक्त बनाना है कि वे दुनिया के किसी भी कोने में अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा सकें। उन्होंने जोर देकर कहा कि:

आज सूचना क्रांति का दौर है। कंप्यूटर और इंटरनेट ने व्यापार से लेकर जीवन जीने के ढंग तक को बदल दिया है। ऐसे में हमारे शैक्षणिक संस्थानों को भी परंपरागत ढर्रे से निकलकर तकनीकी नवाचार (Technical Innovation) को पूरी तरह अपनाना होगा।”

शून्य से विश्वास तक का सफर:

उल्लेखनीय है कि निचलौल स्थित सरस्वती देवी महाविद्यालय और टिकुलहिया स्थित महिला महाविद्यालय ने बहुत कम समय में जिले के शैक्षिक परिदृश्य को बदल दिया है। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और कड़े अनुशासन के चलते यह संस्थान आज अभिभावकों और विद्यार्थियों के बीच अटूट विश्वास का प्रतीक बन चुका है। कार्यक्रम के अंत में प्रबंध निदेशक ने सभी छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की और गणतंत्र दिवस की हार्दिक बधाई दी।

बुद्धिजीवियों ने सराहा विजन:

क्षेत्र के शिक्षाविदों और अभिभावकों ने पवन दूबे के इस ‘विजनरी’ दृष्टिकोण की सराहना की है। लोगों का मानना है कि तकनीकी शिक्षा पर उनका यह जोर महराजगंज के ग्रामीण अंचल के मेधावी छात्रों के लिए नए द्वार खोलेगा।

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