ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी फरेंदा महाराजगंज
प्रधान सम्पादक
गोरखपुर के गोरखनाथ क्षेत्र में किशोरी के साथ हुई जघन्य घटना के बाद महराजगंज प्रशासन पूरी तरह सतर्क मोड में आ गया है। इसी कड़ी में मंगलवार को फरेंदा कस्बे में प्रशासन और पुलिस की संयुक्त टीम ने स्पा सेंटरों व होटलों पर सघन और औचक जांच अभियान चलाया, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।
एसडीएम शैलेंद्र कुमार गौतम और क्षेत्राधिकारी बसंत सिंह के नेतृत्व में भारी पुलिस बल के साथ कस्बे के कई स्पा सेंटरों और होटलों की गहन तलाशी ली गई। जांच के दौरान कर्मचारियों और वहां मौजूद युवतियों से पहचान पत्र मांगे गए, लेकिन कई लोग आईडी प्रूफ प्रस्तुत करने में असफल पाए गए।
दस्तावेज नहीं, तो काम नहीं
इस गंभीर लापरवाही पर एसडीएम ने सख्त रुख अपनाते हुए स्पष्ट निर्देश दिए कि, जब तक सभी कर्मचारियों के वैध पहचान पत्र प्रस्तुत नहीं किए जाते, तब तक संबंधित स्पा सेंटरों का संचालन पूर्णतः बंद रहेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि पहचान छिपाकर काम करना या करवाना कानूनन अपराध है और इसमें किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
होटल संचालकों को कड़ा अल्टीमेटम
होटलों की जांच के दौरान सीओ बसंत सिंह ने संचालकों को सख्त निर्देश देते हुए कहा कि—
किसी भी परिस्थिति में नाबालिगों को रोजगार न दिया जाए
बिना आधार या वोटर आईडी के किसी भी व्यक्ति को कमरा न दिया जाए
सभी कर्मचारियों का पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य रूप से कराया जाए
सीओ ने दो टूक शब्दों में कहा,
क्षेत्र में अनैतिक या अवैध गतिविधियों के लिए कोई जगह नहीं है। नियमों का उल्लंघन करने वाले होटल या स्पा सेंटर का लाइसेंस निरस्त कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सुरक्षा के नाम पर जीरो टॉलरेंस
अचानक हुई इस कार्रवाई से कस्बे के व्यवसायियों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। पुलिस प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, ताकि क्षेत्र में कानून-व्यवस्था मजबूत रहे और भविष्य में किसी भी तरह की आपराधिक या शर्मनाक घटना की पुनरावृत्ति न हो।
प्रशासन का स्पष्ट संदेश है.नियमों से खिलवाड़ नहीं, सुरक्षा सर्वोपरि।