*मनरेगा पार्क मामला: जेई और सचिव ने आरोपों को नकारा, जांच अधिकारियों के समक्ष रखा अपना पक्ष।*

ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी निचलौल 

प्रधान सम्पादक 

निचलौल/भेड़िया: मनरेगा पार्क निर्माण में अनियमितताओं के आरोपों के बीच, संबंधित तकनीकी और प्रशासनिक अधिकारियों ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उपायुक्त श्रम गौरवेन्द्र सिंह व सिंचाई विभाग के सहायक अभियंता मन्नू चौधरी द्वारा तैयार की जा रही जांच रिपोर्ट के बीच जेई के.के. त्रिपाठी और ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव रामचन्द्रम ने साक्ष्यों के साथ अपना पक्ष रखा है।

मजदूरों ने ही किया कार्य, मशीन का प्रयोग केवल दूर से मिट्टी ढुलाई के लिए: जेई

जांच प्रक्रिया के दौरान मनरेगा अवर अभियंता (जेई) के.के. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि पार्क के भीतर मिट्टी भराई का मुख्य कार्य पूरी तरह मनरेगा के तहत मजदूरों द्वारा ‘टोकरी व खांची’ से किया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया और अखबारों में वायरल ट्रैक्टर-ट्रॉली के वीडियो पर स्पष्टीकरण देते हुए कहा:

 

“पार्क के अंदर का कार्य नियमानुसार हुआ है। वीडियो में दिख रही ट्रैक्टर-ट्रॉली का उपयोग केवल दूर से मिट्टी लाने के लिए किया गया था, क्योंकि उतनी दूरी से सिर पर मिट्टी लाना संभव नहीं था। केवल 5 से 6 ट्राली मिट्टी यंत्र से मंगवाई गई थी, जिसे बाद में मजदूरों द्वारा ही फैलाया गया।”

जेई ने यह भी दावा किया कि उन्होंने केवल मजदूरों द्वारा किए गए वास्तविक कार्य की ही एमबी (Measurement Book) दर्ज की है। निरीक्षण के दौरान मौजूद श्रमिकों ने भी अधिकारियों के सामने कार्य करने की पुष्टि करते हुए सकारात्मक बयान दर्ज कराए हैं।

फंड के उपयोग में पारदर्शिता का दावा:

जानकारी के अनुसार, पार्क के निर्माण में दो अलग-अलग मदों का प्रयोग किया गया है। पार्क के अंदर का कार्य मनरेगा निधि से और बाहरी हिस्से का कार्य राज्य वित्त निधि से कराया गया है। अधिकारियों का तर्क है कि दोनों निधियों का लेखा-जोखा अलग और पारदर्शी है, इसलिए इसे घोटाले का रूप देना गलत है।

मानवीय परिस्थितियों का हवाला:

वहीं, मामले में संलिप्त बताए जा रहे ग्राम पंचायत अधिकारी राजीव रामचन्द्रम ने भावुक पक्ष रखते हुए कहा कि जिस अवधि की बात की जा रही है, उस समय वह अपने पिता की गंभीर बीमारी के कारण अत्यधिक मानसिक तनाव में थे। उन्होंने इस प्रकरण में किसी भी प्रकार की जानबूझकर की गई गड़बड़ी या भूमिका से साफ इनकार किया है।

फिलहाल, जांच टीम दोनों पक्षों के बयानों और तकनीकी दस्तावेजों का मिलान कर रही है। अब सभी की निगाहें अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *