*ओला–उबर–रैपिडो की मनमानी पर लगेगी लगाम, दिल्ली में शुरू हुई ‘भारत टैक्सी।*

ब्यूरो रिपोर्ट/सोमेंद्र द्विवेदी न्यू दिल्ली 

प्रदेश प्रभारी 

 

किराया 30% तक सस्ता, ड्राइवर नहीं बल्कि मालिक खुद बनेंगे ‘सारथी’

 

नई दिल्ली महंगे किराये, सरज प्राइसिंग और ड्राइवरों से भारी कमीशन वसूली को लेकर लंबे समय से आलोचनाओं का सामना कर रही प्राइवेट कैब कंपनियों ओला, उबर और रैपिडो के विकल्प के रूप में अब ‘भारत टैक्सी’ मैदान में उतर आई है। देश की पहली कोऑपरेटिव टैक्सी सर्विस ‘भारत टैक्सी’ ने आज से दिल्ली में अपनी सेवाएं शुरू कर दी हैं, जिससे यात्रियों को 30 प्रतिशत तक सस्ता किराया मिलने का दावा किया गया है।

 

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह द्वारा दिल्ली में ‘भारत टैक्सी एप’ लॉन्च कर इस सेवा का औपचारिक शुभारंभ किया गया। सरकार समर्थित इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को किफायती, पारदर्शी और भरोसेमंद टैक्सी सेवा देना, साथ ही ड्राइवरों को शोषण से मुक्त करना है।

 

ड्राइवर नहीं, मालिक होंगे ‘सारथी’

भारत टैक्सी की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें वाहन चलाने वाले केवल ड्राइवर नहीं, बल्कि वाहन के मालिक होंगे, जिन्हें ‘सारथी’ नाम दिया गया है। ओला–उबर जैसे निजी प्लेटफॉर्म की तरह किसी भी प्रकार का कमीशन नहीं लिया जाएगा।

👉 यानी पूरी कमाई सीधे सारथी की जेब में जाएगी।

बीमा सुरक्षा भी मिलेगी

भारत टैक्सी से जुड़ने वाले प्रत्येक सारथी को

5 लाख रुपये का व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा

5 लाख रुपये का पारिवारिक स्वास्थ्य बीमा

की सुविधा भी दी जाएगी। इससे ड्राइवरों और उनके परिवारों को सामाजिक सुरक्षा का मजबूत कवच मिलेगा।

पायलट प्रोजेक्ट से मिली सफलता

 

भारत टैक्सी की शुरुआत 6 जून 2025 को एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई थी। तब से अब तक

3 लाख से अधिक ड्राइवर इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं

1 लाख से ज्यादा लोगों ने एप के जरिए रजिस्ट्रेशन कराया है

वर्तमान में दिल्ली-एनसीआर और गुजरात में प्रतिदिन 10 हजार से अधिक राइड्स पूरी की जा रही हैं। अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये की राशि ड्राइवरों में वितरित की जा चुकी है।

 

जल्द अन्य शहरों में भी विस्तार

दिल्ली के बाद भारत टैक्सी को मुंबई, बेंगलुरु, चेन्नई समेत देश के अन्य बड़े महानगरों में भी लॉन्च करने की योजना है। माना जा रहा है कि यह सेवा आने वाले समय में देशभर में टैक्सी सेक्टर की तस्वीर बदल सकती है।

यात्रियों और ड्राइवरों—दोनों को राहत

किफायती किराया, बिना सरज प्राइसिंग, पारदर्शी सिस्टम और ड्राइवरों को मालिकाना हक—भारत टैक्सी न सिर्फ यात्रियों को राहत देगी, बल्कि वर्षों से कमीशन और अनिश्चित आय से जूझ रहे ड्राइवरों के लिए भी एक नई उम्मीद बनकर सामने आई है।

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