ब्यूरो रिपोर्ट/दिलीप कुमार पाण्डेय/ नौंतनवा
महराजगंज तीन तरफ घने जंगलों और बीच में बहती रोहिन नदी के कारण वर्षों से अलग-थलग पड़े एक दर्जन गांवों के लोगों के लिए आखिरकार बड़ी राहत की खबर सामने आई है। आजादी के बाद से अब तक जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर ग्रामीणों का लंबा संघर्ष अब रंग लाता दिख रहा है। शासन ने रोहिन नदी पर पक्के पुल के निर्माण को मंजूरी दे दी है।
करीब 27 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले इस पुल से लक्ष्मीपुर ब्लॉक के सेमरहवां सहित आसपास के दर्जनों गांवों की लगभग 40 हजार आबादी को सीधा लाभ मिलेगा। पुल निर्माण की स्वीकृति की खबर मिलते ही पूरे क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
दशकों से जारी था संघर्ष
ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों से वे बांस के अस्थायी पुल या नाव के सहारे नदी पार करते आ रहे हैं। बरसात के मौसम में रोहिन नदी उफान पर होने से कई गांवों का संपर्क पूरी तरह कट जाता था, जिससे शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजमर्रा की जरूरतों के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता था।
मतदान बहिष्कार तक पहुंचा था आंदोलन
पुल निर्माण की मांग को लेकर ग्रामीणों का आक्रोश कई बार सामने आया। पिछले लोकसभा चुनाव में लोगों ने करीब पांच घंटे तक मतदान का बहिष्कार कर अपनी मांग को जोरदार तरीके से उठाया था। बाद में जनप्रतिनिधियों के आश्वासन के बाद ही मतदान शुरू हो सका।
विधायक के प्रयास लाए रंग
नौतनवा विधायक ऋषि त्रिपाठी ने इस मुद्दे को लगातार शासन स्तर पर उठाया। उन्होंने विधानसभा में मामला रखने के साथ ही मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर क्षेत्र की गंभीर समस्या से अवगत कराया। लगातार प्रयासों के बाद आखिरकार सेमरहवां घाट पर पुल निर्माण को हरी झंडी मिल गई।
विकास को मिलेगी नई रफ्तार
ग्रामीणों का मानना है कि पुल बनने से न सिर्फ आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और व्यापारिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी। अब तक जो इलाके बरसात में पूरी तरह कट जाते थे, वे मुख्यधारा से जुड़ सकेंगे।
विधायक ऋषि त्रिपाठी ने मुख्यमंत्री के प्रति आभार जताते हुए कहा कि यह पुल क्षेत्र के समग्र विकास की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।