*महराजगंज में अवैध शराब पर पुलिस का शिकंजा, जंगल में चल रही भट्ठी का भंडाफोड़ — आबकारी विभाग पर उठे सवाल।*

ब्यूरो रिपोर्ट /नरसिंह उपाध्याय /चौक महराजगंज 

उप सम्पादक 

महराजगंज। जनपद में अवैध शराब के काले कारोबार के खिलाफ चल रहे अभियान के तहत थाना चौक पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जंगल क्षेत्र स्थित ग्राम बलुआहिया नर्सरी में चल रही कच्ची शराब बनाने की तैयारी का पर्दाफाश किया। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में की गई इस कार्रवाई से अवैध कारोबारियों में हड़कंप मच गया।

 

सूचना के आधार पर पहुंची पुलिस टीम ने जब छापेमारी की, तो मौके पर मौजूद लोग अंधेरे और जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने मौके से करीब चार कुंतल अवैध लहन (कच्ची शराब बनाने के लिए तैयार सामग्री) बरामद कर उसे नष्ट कराया। इसके अलावा 10 लीटर कच्ची शराब भी जब्त की गई। संबंधित धाराओं में आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।

 

आबकारी विभाग की कार्यशैली पर सवाल

 

जहां एक ओर पुलिस लगातार कार्रवाई कर अवैध शराब के धंधे पर प्रहार कर रही है, वहीं दूसरी ओर आबकारी विभाग की निष्क्रियता एक बार फिर चर्चा में है। सवाल यह उठता है कि जंगल क्षेत्र में इतनी बड़ी मात्रा में लहन तैयार हो रहा था, लेकिन जिम्मेदार विभाग को इसकी भनक तक क्यों नहीं लगी? क्या विभागीय निगरानी केवल कागजों तक सीमित है?

 

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि आबकारी विभाग समय-समय पर प्रभावी गश्त और निगरानी करता, तो इस तरह खुलेआम अवैध शराब बनाने की हिम्मत किसी की नहीं होती। अवैध शराब से जनहानि की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं, इसके बावजूद विभाग की सक्रियता पर प्रश्नचिह्न लगा हुआ है।

 

कानून-व्यवस्था रही सामान्य

 

छापेमारी के दौरान क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह कायम रही और किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न नहीं हुई। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री में संलिप्त लोगों के खिलाफ कठोर कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।

 

पुलिस प्रशासन ने आमजन से अपील की है कि अवैध शराब से संबंधित किसी भी गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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