*महराजगंज में गौ-तस्करी पर पुलिस का ‘डिजिटल प्रहार’, हर पिकअप को मिला थानावार कोड।*

ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी महाराजगंज 

प्रधान सम्पादक 

महराजगंज। सीमावर्ती इलाके में गौ-तस्करी और अवैध परिवहन पर लगाम कसने के लिए महराजगंज पुलिस ने एक अनोखी और प्रभावी पहल शुरू की है। अब जिले में चलने वाले पिकअप वाहनों की थानावार नंबरिंग और डिजिटल सत्यापन अनिवार्य कर दिया गया है। बिना पंजीकरण और सत्यापन के कोई भी पिकअप वाहन सड़कों पर नहीं दौड़ सकेगा।

 

बोनट और दरवाजों पर अंकित होगा ‘PSO’ कोड

पुलिस की नई व्यवस्था के तहत प्रत्येक पिकअप वाहन के बोनट और दोनों दरवाजों पर विशेष ‘PSO’ कोड अंकित किया जा रहा है। यह कोड संबंधित थाने से जुड़ा होगा, जिससे वाहन की पूरी जानकारी — मालिक, पता, उपयोग और सत्यापन स्थिति — तुरंत पता चल सकेगी।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार अब तक 100 से अधिक पिकअप वाहनों का सत्यापन पूर्ण कर लिया गया है, जबकि बाहरी जनपदों से आने वाले वाहनों पर भी पैनी नजर रखी जा रही है।

 

तस्करों में हड़कंप

सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण जिले में पशु तस्करी की घटनाएं समय-समय पर सामने आती रही हैं। नई नंबरिंग व्यवस्था लागू होते ही तस्करी से जुड़े तत्वों में हड़कंप मच गया है। बिना कोड और सत्यापन वाले वाहनों की सघन चेकिंग की जा रही है।

 

पुलिस का मानना है कि इस डिजिटल ट्रैकिंग मॉडल से न केवल गौ-तस्करी बल्कि अन्य आपराधिक गतिविधियों पर भी प्रभावी नियंत्रण स्थापित होगा।

 

फुलप्रूफ प्लान, हर वाहन की बनेगी ‘डिजिटल कुंडली।

थानेवार पंजीकरण अनिवार्य

प्रत्येक पिकअप को यूनिक कोड

सत्यापन के बाद ही संचालन की अनुमति

 

सीमावर्ती मार्गों पर विशेष निगरानी

बाहरी वाहनों की अलग सूची तैयार

मॉडल बना मिसाल

पुलिस की यह पहल जिले में कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। सीमावर्ती क्षेत्रों में अपराध पर अंकुश लगाने के लिए तैयार किया गया यह थानावार डिजिटल नंबरिंग मॉडल अब अन्य जिलों के लिए भी मिसाल बन सकता है।

 

पुलिस अधिकारियों का स्पष्ट संदेश है—

“अब हर पिकअप की पहचान तय होगी, अवैध परिवहन और तस्करी पर पूरी तरह से लगाम लगेगी।

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