*ग्राम विकास अधिकारी की लापरवाही से भड़का जनआक्रोश, दो बार शिकायत के बाद भी कार्रवाई शून्य।*

ब्यूरो/ राकेश त्रिपाठी/ मिठौरा 

प्रधान सम्पादक 

 

महराजगंज जनपद के मिठौरा ब्लॉक अंतर्गत ग्राम सभा देउरवा में नाली जाम की गंभीर समस्या अब जनस्वास्थ्य संकट का रूप ले चुकी है। पीडब्ल्यूडी मार्ग के बगल, अविनाश पटेल के मकान से शुरू होकर सरित कसौधन की दुकान तक जाने वाली मुख्य नाली पूरी तरह अवरुद्ध हो चुकी है। नाली में पानी के आवागमन की कोई व्यवस्था न होने से गंदा पानी सड़कों और घरों के आसपास जमा हो रहा है, जिससे संचारी रोगों के फैलने का खतरा तेजी से बढ़ गया है।

 

ग्रामीणों के अनुसार, विनोद चौरसिया और छोटे लाल चौरसिया द्वारा नाली के बहाव में जानबूझकर अवरोध उत्पन्न किया जा रहा है। वहीं राकेश मद्धेशिया द्वारा नाली में मिट्टी भरकर अपनी दुकान स्थापित कर ली गई, जिससे नाली पूरी तरह जाम हो गई है। इस अवैध कब्जे और लापरवाही के कारण आमजन में भारी आक्रोश व्याप्त है।

 

स्थानीय लोगों से बातचीत में यह स्पष्ट हुआ कि नाली जाम होने से तेज बदबू, मच्छरों का प्रकोप, डेंगू-मलेरिया जैसी बीमारियों का डर बना हुआ है। इतना ही नहीं, जलभराव के कारण आवागमन भी बाधित हो गया है, जिससे बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।

 

सबसे गंभीर बात यह है कि इस पूरे मामले में ग्राम विकास अधिकारी सर्वोत्तम विश्वकर्मा की भूमिका संदेह के घेरे में है। ग्रामीणों का आरोप है कि बार-बार अवगत कराने के बावजूद ग्राम विकास अधिकारी ने न तो नाली की सफाई कराई, न ही अवैध कब्जों पर कोई कार्रवाई की। उनकी लापरवाही और उदासीनता के चलते समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल होती जा रही है।

 

ग्रामीणों ने बताया कि मुख्यमंत्री पोर्टल पर इस समस्या की दो बार शिकायत दर्ज कराई जा चुकी है, बावजूद इसके आज तक मामले का कोई ठोस निस्तारण नहीं हुआ। इससे जनता में यह संदेश जा रहा है कि जिम्मेदार अधिकारी जानबूझकर मामले को नजरअंदाज कर रहे हैं।

 

अब ग्रामवासियों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। लोगों का कहना है कि यदि शीघ्र ही नाली को अतिक्रमण मुक्त कराकर सुचारु रूप से चालू नहीं किया गया और दोषियों व लापरवाह अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे।

 

ग्रामीणों की स्पष्ट मांग है कि

 

नाली से अवैध कब्जा तत्काल हटाया जाए

ग्राम विकास अधिकारी सर्वोत्तम विश्वकर्मा की भूमिका की जांच हो

जनस्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए

अब देखना यह है कि जिला प्रशासन और संबंधित विभाग इस गंभीर जनसमस्या पर कब तक संज्ञान लेते हैं, या फिर ग्राम देउरवा की जनता यूं ही बदबू, बीमारी और प्रशासनिक उदासीनता के बीच जीने को मजबूर रहेगी।

मुख्य शिकायतकर्ता रंजीत पटल, अविनाश पटेल, रीता पटेल,दुर्विजय पटेल, जतन गुप्ता,सूरज गुप्ता, निगलेश गुप्ता , राधे गुप्ता,विजय गुप्ता, और अन्य लोग मौजूदरहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *