*सिसवा ब्लॉक में मनरेगा NMMS हाजिरी पर सवाल पंजे से हाजिरी का खुलासा, अब मस्टरोल किया गया शून्य।*

न्यूज रिपोर्ट/कन्हैया कुमार पाठक 

सिसवा बाजार महराजगंज

महराजगंज जनपद के सिसवा ब्लॉक में मनरेगा के तहत NMMS ऐप से हाजिरी दर्ज करने में हाथ के पंजे से उपस्थिति का मामला सामने आने के बाद अब जिम्मेदारों की भूमिका संदेह के घेरे में आ गई है। कार्रवाई के बजाय पूरे प्रकरण से बचने के लिए संबंधित कार्य का मस्टरोल शून्य (निरस्त) कर दिया गया है।

 

सूत्रों के अनुसार, ग्राम पंचायत बेलभरिया में अंकुर के खेत से करमही सिवान तक नाला सफाई व मिट्टी कार्य के नाम पर NMMS ऐप में फर्जी हाजिरी दर्ज की गई थी। मामला उजागर होने के बाद अब यह दर्शाने की कोशिश की जा रही है कि कार्य हुआ ही नहीं, जबकि ऐप में पहले से हाजिरी दर्ज मिल चुकी है।

 

बड़ा सवाल यह है कि

यदि काम नहीं हुआ था, तो NMMS ऐप पर हाजिरी किसकी और कैसे दर्ज हुई?

और यदि यह हाजिरी गलत थी, तो जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई क्यों नहीं की गई?

 

सरकार द्वारा पारदर्शिता के लिए लागू किए गए NMMS सिस्टम में इस तरह की गड़बड़ी ने पूरी निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मस्टरोल शून्य कर देने से क्या मोबाइल ऐप में दर्ज फर्जी हाजिरी स्वतः समाप्त हो जाएगी, यह भी स्पष्ट नहीं है।

स्थानीय स्तर पर न तो पंचायत से जवाबदेही तय की गई और न ही सिसवा ब्लॉक के अधिकारियों की ओर से कोई स्पष्ट बयान सामने आया है। इससे यह आशंका गहराती जा रही है कि मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।

अब देखना यह है कि NMMS में दर्ज पंजा फोटो की जांच होती है या नहीं, और इस पूरे प्रकरण में जिम्मेदारों पर कोई ठोस कार्रवाई होती है या फिर मामला फाइलों में ही सिमट कर रह जाता है।

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