ब्यूरो रिपोर्ट/निचलौल महराजगंज
महराजगंज/निचलौल: पूरे उत्तर प्रदेश में जहां 26 जनवरी गणतंत्र दिवस के अवसर पर योगी सरकार ने पूर्णतः ‘ड्राई डे’ घोषित कर मदिरा की दुकानों को बंद रखने का सख्त निर्देश दिया था, वहीं जनपद महराजगंज के निचलौल थानाक्षेत्र में इन आदेशों की खुलेआम धज्जियां उड़ती नजर आईं। क्षेत्र में देशी और अंग्रेजी शराब की अवैध बिक्री न सिर्फ जोरों पर रही, बल्कि चखना की दुकानों पर भी शौकीनों का जमावड़ा लगा रहा।
जीपीएस मैप कैमरे में कैद हुई लापरवाही की तस्वीर:
पड़ताल के दौरान यह सामने आया कि निचलौल थानाक्षेत्र के अंतर्गत लगभग सभी चखना की दुकानें बेखौफ खुली रहीं। नियमों को ताक पर रखकर शराब का सेवन सार्वजनिक स्थानों पर किया गया। विशेष रूप से बरोहिया ढाला स्थित ‘चौधरी तासा भुजा’ की दुकान पर शराबियों का जमावड़ा देखने को मिला। यहाँ लोग किस तरह कानून को ठेंगा दिखाकर शराब का सेवन कर रहे थे, यह पूरी घटना वहां लगे जीपीएस मैप कैमरे में कैद हो गई है।
प्रशासनिक मिलीभगत या बड़ी लापरवाही?:
इस घटनाक्रम ने स्थानीय प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि क्या यह निचलौल आबकारी निरीक्षक की नाकामयाबी है या फिर स्थानीय पुलिस की अनदेखी? जब शासन की ओर से सख्त निर्देश थे कि एक भी दुकान नहीं खुलेगी, तो फिर अवैध तरीके से शराब कहाँ से उपलब्ध हो रही थी?
जनता में आक्रोश:
राष्ट्रीय पर्व के दिन इस तरह की अवैध गतिविधियों और सार्वजनिक स्थलों पर शराब के सेवन से स्थानीय नागरिकों में भारी रोष है। बुद्धिजीवियों का कहना है कि यदि ड्राई डे पर भी शराब की सुलभ उपलब्धता बनी हुई है, तो ऐसे प्रतिबंधों का क्या औचित्य? अब देखना यह है कि जीपीएस मैप कैमरा फुटेज सामने आने के बाद जिला प्रशासन संबंधित आबकारी निरीक्षक और थानाध्यक्ष के विरुद्ध क्या दंडात्मक कार्यवाही करता है।