*राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर का छठा दिन: नारी सशक्तिकरण की गूंज, विकसित भारत 2047 पर हुआ मंथन।*

ब्यूरो रिपोर्ट/ दिलीप कुमार पाण्डेय निचलौल 

निचलौल। सरस्वती देवी महिला महाविद्यालय टिकुलहिया में आयोजित सप्त दिवसीय विशेष शिविर के छठे दिन उत्साह, जागरूकता और वैचारिक ऊर्जा का संगम देखने को मिला। प्रातःकाल स्वयंसेविकाओं ने “नारी सशक्तिकरण” तथा “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जनजागरूकता रैली निकालकर ग्रामीणों को समाज में महिलाओं की भूमिका और शिक्षा के महत्व के प्रति प्रेरित किया। रैली के दौरान गगनभेदी नारों से पूरा वातावरण जागरूकता के संदेश से गुंजायमान हो उठा।

 

परिचर्चा सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जवाहरलाल नेहरु पी जी कॉलेज के डॉ. शांति शरण मिश्रा उपस्थित रहे। उन्होंने अपने प्रेरक उद्बोधन में कहा कि “विकसित भारत 2047” का सपना तभी साकार होगा, जब देश का युवा वर्ग अपनी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाते हुए राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएगा। उन्होंने विकसित भारत की परिकल्पना के विभिन्न आयामों—शिक्षा, आत्मनिर्भरता, तकनीकी प्रगति और सामाजिक समरसता—पर विस्तार से चर्चा की।

 

विशिष्ट अतिथि एवं महाविद्यालय के प्राचार्य श्याम बिहारी अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि विकसित भारत की संकल्पना तभी साकार होगी, जब युवाओं के मन में सकारात्मक सोच, नैतिक मूल्यों और कर्तव्यनिष्ठा का संचार होगा। उन्होंने स्वयंसेविकाओं को सामाजिक उत्तरदायित्व के प्रति सजग रहने का आह्वान किया।

 

कार्यक्रम का प्रभावी संचालन डॉ. आनंद कुमार मिश्रा द्वारा किया गया। इस अवसर पर सत्येंद्र गुप्त, अमेरिका यादव, महाविद्यालय के अनुचर ज्वाला प्रसाद चौधरी सहित सभी स्वयंसेविकाओं की सक्रिय सहभागिता सराहनीय रही।

 

शिविर का छठा दिन केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में जागरूकता, नारी सम्मान और विकसित भारत के संकल्प को सुदृढ़ करने की दिशा में एक सार्थक पहल साबित हुआ।

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