ब्यूरो रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी निचलौल
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जनपद महाराजगंज में बोर्ड परीक्षाओं के दौरान कथित अनियमितताओं का मामला इस बार सीधे शासन स्तर तक पहुँच गया है। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद्, प्रयागराज के सचिव द्वारा जारी पत्र में विद्यालय कोड–1071 से जुड़े परीक्षा केंद्र पर नकल कराए जाने की गंभीर शिकायत का संज्ञान लिया गया है। आरोप है कि राम हर्ष इंटर कॉलेज, निचलौल में प्रबंध तंत्र से जुड़े व्यक्ति के परिजन की उत्तरपुस्तिका परीक्षा कक्ष के बाहर लिखवाए जाने का प्रयास किया गया।
शिकायतकर्ता का दावा है कि घटना के समय जनपदीय अधिकारियों से संपर्क साधा गया, लेकिन अपेक्षित त्वरित कार्रवाई नहीं हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए परिषद सचिव ने परीक्षा केंद्र की सीसीटीवी फुटेज सहित समस्त साक्ष्यों की जांच कर तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय जांच पर उठे सवाल
मामले की जांच जिला स्तर पर सौंपे जाने के बाद निष्पक्षता को लेकर बहस तेज हो गई है। शिक्षा जगत और अभिभावकों के बीच यह प्रश्न उठ रहा है कि जिन व्यवस्थाओं पर पहले भी सवाल उठते रहे हों, क्या उन्हीं के जिम्मे जांच सौंपना पारदर्शिता की गारंटी दे सकता है?
इससे पहले भी राजकीय इंटर कॉलेज नौनिया में नकल संबंधी शिकायतें चर्चा में रही थीं। ऐसे में लगातार सामने आ रहे आरोप शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता पर असर डाल रहे हैं।
पारदर्शिता ही असली परीक्षा
शासन स्तर पर संज्ञान लेना सकारात्मक कदम माना जा रहा है, लेकिन असली कसौटी निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होगी। यदि सीसीटीवी रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ठोस कार्रवाई होती है तो यह स्पष्ट संदेश जाएगा कि परीक्षा प्रणाली में अनियमितताओं के लिए कोई जगह नहीं है।
जनपद में अब सबकी निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यह मामला केवल एक केंद्र तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे परीक्षा तंत्र की साख से जुड़ा है। आने वाले दिनों में यह तय होगा कि महाराजगंज में उठे इस विवाद का अंत कड़ाई से लागू नियमों के साथ होगा या फिर मामला औपचारिक कार्यवाही तक सिमट कर रह जाएगा।