ग्राम पंचायत सचिवों का राज्यव्यापी प्रदर्शन: ऑनलाइन अटेंडेंस और अतिरिक्त कार्यों के विरोध में सिसवा में धरना।

रिपोर्ट राकेश त्रिपाठी प्रधान संपादक 

 

 

महराजगंज सिसवा:पंचायती राज एवं ग्राम्य विकास विभाग के ग्राम पंचायत सचिवों ने शुक्रवार को सिसवा ब्लॉक परिसर में ऑनलाइन उपस्थिति प्रणाली और गैर-विभागीय कार्यों के अत्यधिक बोझ के विरोध में जोरदार धरना-प्रदर्शन किया।

प्रदेशव्यापी आह्वान पर किए गए इस प्रदर्शन के दौरान, सचिवों ने विरोध स्वरूप काला फीता बांधा और तत्काल प्रभाव से सभी सरकारी व्हाट्सएप ग्रुपों से खुद को अलग कर लिया।

मुख्य विरोध बिंदु

विरोध प्रदर्शन का केंद्र शासन द्वारा हाल ही में लागू की गई फेशियल रिकॉग्निशन बेस्ड अटेंडेंस सिस्टम और ग्राम सचिवों पर लदे अतिरिक्त कार्य रहे।

असुविधाजनक ऑनलाइन अटेंडेंस: वक्ताओं ने आरोप लगाया कि नई उपस्थिति प्रणाली ग्राम सचिवों के क्षेत्रीय कार्य की प्रकृति के अनुकूल नहीं है। शासन ने बिना कोई अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध कराए, सचिवों के व्यक्तिगत मोबाइल और सिम का उपयोग करके इस प्रणाली को अनिवार्य कर दिया है, जिससे पूरे प्रदेश के सचिवों में गहरा रोष व्याप्त है।

गैर-विभागीय कार्यों का अत्यधिक दबाव: सचिवों ने बताया कि उन्हें अपने मूल कार्यों को नियमित रूप से करने का समय नहीं मिल रहा है, क्योंकि उन पर गैर-विभागीय कार्यों का अत्यधिक और अनुचित दबाव है।

अतिरिक्त कार्यों की लंबी सूची

सचिवों ने बताया कि उन्हें अपने विभागीय कार्य के अलावा निम्नलिखित गैर-विभागीय कार्य भी सौंपे गए हैं, जो उनकी कार्यक्षमता को प्रभावित कर रहे हैं:

सरकारी योजनाएं: आयुष्मान हेल्थ कार्ड, फैमिली आईडी, विभिन्न पेंशनों का सत्यापन, फार्मर रजिस्ट्री और एग्रो स्टैक सर्वे।

प्रशासनिक/अन्य कार्य: गौशाला प्रबंधन, शिक्षा विभाग का ऑपरेशन कायाकल्प, बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी, गायों के लिए भूसा प्रबंधन, सोलर पैनल लगवाने का लक्ष्य और पराली प्रबंधन।

प्रांतीय नेतृत्व के आह्वान पर विरोध

उत्तर प्रदेश ग्राम पंचायत अधिकारी संघ और ग्राम विकास अधिकारी एसोसिएशन के आह्वान पर यह विरोध प्रदर्शन किया गया। संघ के नेताओं ने बताया कि उन्होंने पूर्व में भी शासन को संयुक्त रूप से पत्र भेजकर अपनी मांगों से अवगत कराया था, लेकिन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं होने के कारण प्रांतीय स्तर की जूम मीटिंग में यह विरोध कार्यक्रम घोषित किया गया।

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि अधिकारियों द्वारा लक्ष्य निर्धारित कर उन पर अत्यधिक दबाव बनाया जा रहा है, जिससे उनका कार्य निष्पादन प्रभावित हो रहा है और वे अपने मूल दायित्वों को पूरा नहीं कर पा रहे हैं।

विरोध प्रदर्शन में शामिल रहे

इस विरोध प्रदर्शन में शशिकांत पांडेय, जयहिंद गौतम, नीरज सिंह, योगेश मद्धेशिया, बालेश्वर कुमार, अभिनव श्रीवास्तव, मनिंद्र चौधरी, राजकिशोर यादव, राजकुमार भारती, अशोक पासवान, राहुल कुमार, विनोद वरूण और विनय शर्मा सहित कई ग्राम पंचायत सचिव शामिल हुए।

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