ब्यूरो रिपोर्ट/ विप्लव मद्धेशिया/ ठूठीबारी सुनौली
महराजगंज जनपद के सीमावर्ती कस्बे सोनौली स्थित पुलिस चौकी में 22 फरवरी 2026 को मानव तस्करी रोकथाम को लेकर कोर कमेटी की मासिक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता थाना सोनौली की महिला उप निरीक्षक प्रिया तिवारी ने की। भारत-नेपाल सीमा पर बढ़ती सतर्कता के बीच यह बैठक बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
बैठक में भारत और नेपाल की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों, सामाजिक संगठनों और स्वयंसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने सहभागिता की। सीमापार मानव तस्करी की चुनौतियों, संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, पीड़ितों के सुरक्षित रेस्क्यू, पुनर्वास प्रक्रिया तथा कानूनी कार्रवाई को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि सीमा क्षेत्र में सक्रिय नेटवर्क पर संयुक्त कार्रवाई ही प्रभावी रोकथाम का सबसे बड़ा माध्यम है।
उप निरीक्षक प्रिया तिवारी ने कहा कि सीमा क्षेत्र में नियमित गश्त, संदिग्ध व्यक्तियों की सतत निगरानी और आमजन को जागरूक करना बेहद जरूरी है। उन्होंने बताया कि विशेष रूप से महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है तथा बाल अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए स्थानीय स्तर पर भी जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं।
बैठक में मौजूद सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की मानव तस्करी रोधी इकाई के अधिकारियों ने जानकारी दी कि सीमा पर तकनीकी निगरानी, खुफिया तंत्र की मजबूती और विभिन्न एजेंसियों के समन्वय से कई संदिग्ध मामलों की समय रहते पहचान की गई है। उन्होंने कहा कि सभी विभाग मिलकर इस जघन्य अपराध के विरुद्ध शून्य सहिष्णुता की नीति पर कार्य कर रहे हैं।
बैठक के अंत में यह निर्णय लिया गया कि सीमा क्षेत्र में संयुक्त अभियान, सूचना साझा करने की त्वरित व्यवस्था और पीड़ित सहायता तंत्र को और मजबूत किया जाएगा, ताकि मानव तस्करी जैसी गंभीर समस्या पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके।