*महराजगंज में स्वास्थ्य सेवाओं पर सख्ती: जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा का निचलौल सीएचसी का आकस्मिक निरीक्षण, बाहर की दवा लिखने पर जताई नाराजगी।”

ब्यूरो रिपोर्ट/ राकेश त्रिपाठी निचलौल महराजगंज 

प्रधान सम्पादक 

महराजगंज, 14 फरवरी 2026। जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने शुक्रवार शाम करीब छह बजे निचलौल स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की व्यवस्थाओं, इमरजेंसी सेवाओं तथा मरीजों को उपलब्ध कराई जा रही दवाओं की स्थिति का बारीकी से जायजा लिया गया।

 

निरीक्षण के समय छेदी निचलौल नामक मरीज की तबीयत खराब पाई गई, जिन्हें इमरजेंसी में तैनात डॉक्टर संदीप कुमार को दिखाया गया। जांच के बाद डॉक्टर द्वारा मरीज को बाहर की दवा लिखे जाने की जानकारी पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने इस पर गहरी नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य चिकित्साधिकारी (सीएमओ) से टेलीफोन पर वार्ता की और स्पष्ट निर्देश दिया कि अस्पताल में भर्ती अथवा इमरजेंसी में दिखाए जाने वाले सभी मरीजों को उपलब्ध दवाएं अस्पताल से ही दी जाएं।

 

जिलाधिकारी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी कि किसी भी स्थिति में मरीजों को बाहर की दवा लिखना अथवा अस्पताल में दवा उपलब्ध न होना गंभीर लापरवाही मानी जाएगी और संबंधित डॉक्टर व फार्मासिस्ट के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने कहा कि शासन की मंशा है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को समुचित व निःशुल्क उपचार मिले, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

 

निरीक्षण के दौरान अस्पताल में भर्ती नीलम (बलहीखोर) और रंजना (लोहरौली) का हालचाल भी जिलाधिकारी ने जाना तथा चिकित्सकीय सुविधाओं के बारे में जानकारी ली। उन्होंने मरीजों से सीधे संवाद कर दवा, जांच और अन्य सुविधाओं की उपलब्धता के संबंध में फीडबैक लिया।

 

इस अवसर पर उपजिलाधिकारी सिद्धार्थ गुप्ता भी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी के इस औचक निरीक्षण से स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप की स्थिति रही। प्रशासन की इस सख्ती से जनपद के सरकारी अस्पतालों में व्यवस्थाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।

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