रिर्पोट/विप्लव मद्धेशिया ठूठीबारी, महाराजगंज
महराजगंज ठूठीबारी महाशिवरात्रि पर्व के अवसर पर पंचमुखी शिव मंदिर ईटहिया में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। सोमवार को एसडीएम सिद्धार्थ कुमार गुप्ता ने मंदिर प्रशासन एवं कर्मचारियों के साथ बैठक कर मेले की तैयारियों की गहन समीक्षा की।
बैठक के दौरान एसडीएम ने मंदिर परिसर की साफ-सफाई, बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था, बिजली, शौचालय, पेयजल सहित सभी मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि महाशिवरात्रि के दिन किसी भी श्रद्धालु को असुविधा न हो।
एसडीएम ने मेले के दौरान पॉलिथीन के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्देश देते हुए कहा कि स्वच्छता बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। वहीं सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए मंदिर परिसर में सीसीटीवी कैमरों की संख्या बढ़ाने के आदेश दिए गए। अब मंदिर परिसर में कुल 47 सीसीटीवी कैमरों से श्रद्धालुओं की निगरानी की जाएगी।
उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को निर्देश दिया कि मेले के दौरान मेडिकल टीम समय से तैनात रहे, ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। पुलिस प्रशासन को भी पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी पर रहने का आदेश दिया गया।
श्रद्धालुओं को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए मंदिर परिसर में लगे खराब हैंडपंपों की मरम्मत के निर्देश संबंधित कर्मचारियों को दिए गए। जलाभिषेक के दौरान अव्यवस्था से बचने के लिए महिला एवं पुरुष श्रद्धालुओं के लिए अलग-अलग बैरिकेडिंग करने के निर्देश कोतवाल ठूठीबारी को दिए गए।
इसके अलावा मंदिर परिसर में आने वाले सभी मार्गों पर चार पहिया वाहनों के प्रवेश पर रोक लगाने के लिए पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती के निर्देश भी दिए गए। पूरे मेला क्षेत्र में विद्युत व्यवस्था सुचारु रखने के लिए बिजली विभाग के कर्मचारियों को अलर्ट मोड में रहने को कहा गया।
बैठक में तहसीलदार अमित कुमार सिंह, खंड विकास अधिकारी शमा सिंह, कोतवाल नवनीत नागर, एसडीओ नैयर अनवर, लेखपाल अजय कुमार, नगर पंचायत कार्यालय से अवधेश कुमार, मुकेश कुमार, संतोष कुमार, मंदिर के पुजारी ध्यान गिरी, मुन्ना गिरी, विनोद कसौधन, बबलू अग्रहरि सहित बड़ी संख्या में दुकानदार व मंदिर समिति के सदस्य उपस्थित रहे।
प्रशासन ने साफ शब्दों में कहा कि महाशिवरात्रि मेले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और श्रद्धालुओं की सुविधा व सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी।