ब्यूरो रिपोर्ट/ विश्वतेज त्रिपाठी निचलौल
महराजगंज/निचलौल: हाल ही में मनरेगा कार्यों को लेकर तकनीकी सहायक आत्माराम दुबे पर लगाए गए आरोप न केवल भ्रामक हैं, बल्कि एक लोक सेवक की निजी जिंदगी और स्वास्थ्य गरिमा का हनन भी करते हैं। धूल से एलर्जी जैसी स्वास्थ्य समस्या को कार्य में लापरवाही से जोड़कर सार्वजनिक करना पत्रकारिता के उच्च मानकों के विपरीत है।
एमबी (MB) और कार्य का तकनीकी सच:
नियमों के अनुसार, मनरेगा के अंतर्गत तकनीकी सहायक की मुख्य जिम्मेदारी कार्य की मापन पुस्तिका (Measurement Book – MB) तैयार करना है।
नियम: तकनीकी सहायक का कार्य स्थल पर प्रतिदिन खड़े होकर हाजिरी लगवाना नहीं है। उनका कार्य ‘प्रगति’ (Progress) और ‘पूर्णता’ (Completion) के समय मापन करना होता है।
सच्चाई: रामचंद्रही में कार्य अभी प्रगति पर है। कार्य पूर्ण होने के पश्चात जब अंतिम एमबी की जाएगी, तभी भुगतान की पूर्ण प्रक्रिया संपन्न होती है। ऐसे में कार्य पूर्ण होने से पहले ही वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाना जल्दबाजी और तकनीकी अज्ञानता का परिचय देता है।
हाजिरी की जिम्मेदारी और पोर्टल की व्यवस्था:
NMMS पोर्टल पर प्रतिदिन की हाजिरी और फोटो अपलोड करने का उत्तरदायित्व रोजगार सेवक का होता है।
तकनीकी पहलू: यदि फोटो की लोकेशन में कोई विसंगति है, तो इसका जवाबदेह वह व्यक्ति है जिसने उसे पोर्टल पर लाइव फीड किया है। तकनीकी सहायक का काम पोर्टल पर डाटा की तकनीकी सत्यता की जांच करना है, न कि हर फोटो के समय मौके पर उपस्थित रहना।
स्वास्थ्य पर टिप्पणी: निजता का उल्लंघन
किसी भी कर्मचारी की शारीरिक स्थिति या एलर्जी उसकी निजी समस्या है।
“किसी अधिकारी के स्वास्थ्य को लेकर उपहास उड़ाना या उसे ‘एसी प्रेम’ का नाम देना अनुचित है। धूल से एलर्जी होने के बावजूद अधिकारी अपनी विभागीय जिम्मेदारियों का निर्वहन फाइलों और तकनीकी सत्यापन के माध्यम से बखूबी कर रहे हैं।”
बिना किसी वित्तीय गबन के सबूत के, केवल कार्य प्रक्रिया के दौरान इस तरह की खबरें प्रकाशित करना एक ईमानदार छवि वाले अधिकारी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करने जैसा है। रामचंद्रही में चकबंद कार्य नियमानुसार कराया जा रहा है।
✅आत्माराम दुबे तकनीकी सहायक मनरेगा, निचलौल महराजगं