ब्यूरो रिपोर्ट /राकेश त्रिपाठी निचलौल महराजगंज
प्रधान सम्पादक
गांव की चौखट पर विकास की दस्तक।
“जहां संवाद है, वहीं समाधान है”
जनपद महाराजगंज के ग्रामीण विकास को नई दिशा देने की पहल के तहत मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) ने शुक्रवार को विकासखंड क्षेत्र के ग्राम पंचायत बलहीखोर में ग्राम चौपाल का आयोजन कर ग्रामीणों से सीधा संवाद स्थापित किया। इस दौरान उन्होंने सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी और ग्रामीणों की समस्याओं, शिकायतों व सुझावों को गंभीरता से सुना।
ग्राम चौपाल में बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता देखने को मिली। चौपाल का उद्देश्य शासन की मंशा के अनुरूप अधिकारी गांव में, समाधान गांव में” की अवधारणा को साकार करना रहा। सीडीओ ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही, भ्रष्टाचार और उदासीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
गांव में पहुंचते ही हुआ स्वागत
मुख्य विकास अधिकारी के बलहीखोर गांव पहुंचते ही ग्राम प्रधान, पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने उनका पारंपरिक तरीके से स्वागत किया। चौपाल स्थल पर महिलाओं, बुजुर्गों, युवाओं और स्वयं सहायता समूहों की सक्रिय उपस्थिति ने यह दर्शाया कि ग्रामीण शासन और प्रशासन से संवाद को लेकर गंभीर हैं।
ग्राम चौपाल का उद्देश्य और महत्व।
सीडीओ ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि ग्राम चौपाल का मूल उद्देश्य केवल शिकायत सुनना नहीं, बल्कि समस्याओं का मौके पर समाधान सुनिश्चित करना है।
उन्होंने कहा—
सरकार चाहती है कि अंतिम पंक्ति में खड़ा व्यक्ति भी योजनाओं का लाभ पाए। इसके लिए अधिकारियों का गांव तक पहुंचना जरूरी है।
मनरेगा कार्यों की हुई समीक्षा
ग्राम चौपाल में सबसे पहले मनरेगा के तहत कराए जा रहे कार्यों की समीक्षा की गई। ग्रामीणों ने मजदूरी भुगतान में देरी, जॉब कार्ड में नाम होने के बावजूद काम न मिलने जैसी शिकायतें रखीं।
सीडीओ ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि—
सभी पात्र मजदूरों को समय से काम दिया जाए
मजदूरी का भुगतान तय समयसीमा में हो।
फर्जी हाजिरी और कागजी काम को पूरी तरह समाप्त किया जाए
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि मनरेगा में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित कर्मचारी व ग्राम पंचायत स्तर के जिम्मेदारों पर सख्त कार्रवाई होगी।
प्रधानमंत्री आवास योजना पर चर्चा
ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) को लेकर भी अपनी बातें रखीं। कुछ लोगों ने पात्र होने के बावजूद आवास न मिलने की शिकायत की, तो कुछ ने सूची में अपात्रों के नाम शामिल होने का आरोप लगाया।
सीडीओ ने मौके पर ही सूची की जांच कराने के निर्देश दिए और कहा कि—
आवास गरीब का अधिकार है, इसमें कोई खेल नहीं चलेगा।
स्वच्छ भारत मिशन और पेयजल व्यवस्था।
चौपाल के दौरान स्वच्छ भारत मिशन के तहत बने शौचालयों की स्थिति और उनके उपयोग पर भी चर्चा हुई।
सीडीओ ने कहा कि केवल शौचालय बनाना ही नहीं, बल्कि उसका उपयोग सुनिश्चित कराना भी पंचायत की जिम्मेदारी है।
इसके साथ ही गांव में पेयजल आपूर्ति, हैंडपंप की खराबी और जल जीवन मिशन के कार्यों की भी समीक्षा की गई।
महिलाओं की समस्याओं को मिला मंच।
ग्राम चौपाल में महिलाओं ने भी खुलकर अपनी समस्याएं रखीं।
स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण न मिलना।
समूहों के उत्पादों को बाजार न मिलना।
पेंशन योजनाओं में देरी।
सीडीओ ने महिला सशक्तिकरण पर जोर देते हुए कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं और इन्हें हर संभव सहायता दी जाएगी।
शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था पर फोकस
चौपाल में ग्रामीणों ने प्राथमिक विद्यालय में शिक्षकों की नियमित उपस्थिति, मिड-डे मील की गुणवत्ता और स्वास्थ्य उपकेंद्र की स्थिति पर भी सवाल उठाए।
सीडीओ ने शिक्षा और स्वास्थ्य को “विकास की बुनियाद” बताते हुए संबंधित विभागों को सुधार के निर्देश दिए।
युवाओं से संवाद, रोजगार पर चर्चा।
युवाओं ने रोजगार, कौशल विकास और प्रशिक्षण को लेकर अपनी अपेक्षाएं रखीं।
सीडीओ ने कहा कि सरकार की मंशा है कि गांव का युवा पलायन न करे, बल्कि गांव में ही रोजगार के अवसर पैदा हों।
उन्होंने कौशल विकास योजनाओं और स्वरोजगार से जुड़ी जानकारियां भी साझा कीं।
शिकायतों का मौके पर निस्तारण
ग्राम चौपाल की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
सीडीओ ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शेष शिकायतों का निस्तारण तय समय सीमा में कर रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।
भ्रष्टाचार पर सख्त संदेश
सीडीओ ने दो टूक कहा कि—
सरकारी धन जनता का धन है। इसमें गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।”
उन्होंने ग्रामीणों से भी अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अनियमितता की जानकारी सीधे प्रशासन को दें।
ग्रामीणों में दिखा संतोष
ग्राम चौपाल के बाद ग्रामीणों में संतोष देखने को मिला। ग्रामीणों ने कहा कि पहली बार किसी वरिष्ठ अधिकारी ने गांव आकर इतनी गंभीरता से समस्याएं सुनीं और समाधान का भरोसा दिया।
ग्राम पंचायत बलहीखोर में आयोजित ग्राम चौपाल न केवल एक औपचारिक कार्यक्रम रहा, बल्कि यह प्रशासन और जनता के बीच विश्वास की मजबूत कड़ी साबित हुआ।
मुख्य विकास अधिकारी का यह दौरा यह संदेश देकर गया कि अब विकास योजनाएं फाइलों में नहीं, बल्कि गांव की जमीन पर दिखेंगी।
मुख्य अधिकारी!
मुख्य विकास अधिकारी महेन्द्र कुमार सिंह,खण्ड विकास अधिकारी शमा सिंह,ग्राम पंचायत अधिकारी आशुतोष दुबे ,रजनीश कुमार,पंचायत सहायक,ग्राम प्रधान सहित तमाम लोग मौजूद थे।