*सशस्त्र सीमा बल का नागरिक कल्याण कार्यक्रम सीमावर्ती क्षेत्रों में कौशल विकास और जनकल्याण।*

ब्यूरो रिपोर्ट/विशाल रौनियार 

ठुठीबारी महराजगंज 

महराजगंज ठूठीबारी 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल, महाराजगंज द्वारा नागरिक कल्याण कार्यक्रम के अंतर्गत सीमावर्ती क्षेत्रों में संचालित कौशल विकास एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का संयुक्त समापन समारोह गरिमामय वातावरण में आयोजित किया गया।

इस अवसर पर शक्ति सिंह ठाकुर, कमांडेंट, 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में नरेश कुमार जांगिड़, द्वितीय कमान अधिकारी भी विशिष्ट अतिथि के रूप में सम्मिलित हुए।

इसके अतिरिक्त कार्यक्रम में व्यापार मंडल अध्यक्ष भवन प्रसाद गुप्ता, मानव सेवा संस्थान से अंजली मिश्रा, थाना प्रभारी लालचंद वर्मा, शिशु विद्यालय जूनियर हाई स्कूल के प्रधानाचार्य, अमरीश कुमार त्रिपाठी, स्थानीय जनप्रतिनिधिगण, विद्यालय प्रबंधन, प्रशिक्षकगण, मीडिया प्रतिनिधिगण एवं बड़ी संख्या में सीमावर्ती ग्रामीण महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

समारोह में

समवाय झूलनीपुर एवं समवाय पतलावा के कार्यक्षेत्र में महिलाओं एवं बेटियों के लिए संचालित टेलरिंग प्रशिक्षण कोर्स में प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 30 महिलाओं को प्रमाण पत्र एवं टेलरिंग किट प्रदान की गई।

समवाय ठूठीबारी एवं समवाय बरगदवा के कार्यक्षेत्र में संचालित बेसिक कम्प्यूटर प्रशिक्षण कोर्स में भाग लेने वाले 30 युवक/युवतियों को प्रमाण पत्र एवं अध्ययन सामग्री (पुस्तकें) वितरित की गईं साथ ही स्कूली बच्चों एवं ssb द्वारा संस्कृति कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया

सामाजिक चेतना कार्यक्रम के अंतर्गत किसानों को स्प्रे पंप वितरित किए गए, जिससे कृषि कार्य में उन्हें प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।

चार विद्यालयों को खेल एवं स्वच्छता से संबधित सामग्री (वॉलीबॉल, फुटबॉल ,कूड़ादान,फिनायल आदि) प्रदान की गई, जिससे बच्चों में खेल भावना, एवं स्वच्छता अनुशासन एवं शारीरिक विकास को प्रोत्साहन मिलेगा।

इसके साथ-साथ 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल द्वारा मानव चिकित्सा सहायता (MCA) कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया, जिसमें डॉ अमित नंदन त्रिपाठी द्वितीय कमान अधिकारी द्वारा 139 सीमावर्ती ग्रामीणों को निःशुल्क चिकित्सा परामर्श एवं दवाइयों का लाभ प्रदान किया गया।

मुख्य अतिथि शक्ति सिंह ठाकुर, कमांडेंट ने अपने संबोधन में कहा कि सशस्त्र सीमा बल केवल भारत-नेपाल सीमा की सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि सीमावर्ती समाज के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक विकास के लिए भी निरंतर कार्य कर रहा है। ऐसे प्रशिक्षण एवं कल्याणकारी कार्यक्रम ग्रामीण युवाओं एवं महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम हैं।

अंत में सभी अतिथियों द्वारा कार्यक्रम को सफल बनाने में योगदान देने वाले प्रशिक्षकों, विद्यालय प्रबंधन, स्थानीय प्रशासन, मीडिया तथा 22वीं वाहिनी सशस्त्र सीमा बल के अधिकारियों एवं जवानों का आभार व्यक्त किया गया।

कार्यक्रम का समापन राष्ट्रसेवा एवं सीमावर्ती समाज के सर्वांगीण विकास के संकल्प के साथ हुआ।

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