ब्यूरो रिपोर्ट/ सोमेन्द्र द्विवेदी न्यू दिल्ली
प्रदेश प्रभारी
लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ में आज बिजली विभाग के इंजीनियरों के लिए बेहद महत्वपूर्ण दिन माना जा रहा है। मध्यांचल विद्युत वितरण निगम लिमिटेड (MVVNL) में वर्टिकल प्रणाली लागू होने के बाद पहली बार आज उच्च स्तर पर इसका विस्तृत रिव्यू होने जा रहा है।
आज अध्यक्ष पावर कॉरपोरेशन आशीष गोयल स्वयं वर्टिकल प्रणाली के अंतर्गत लखनऊ के कार्यों की समीक्षा करेंगे। यह समीक्षा आमने-सामने (फेस टू फेस) होगी, जिससे इंजीनियरों की कार्यप्रणाली, जवाबदेही और व्यवस्था की वास्तविक स्थिति स्पष्ट रूप से सामने आने की उम्मीद है।
हाल ही में अमौसी जोन में हुए निलंबन की कार्रवाई ने पूरे ऊर्जा विभाग में हलचल मचा दी थी। उस कार्रवाई के बाद अब यह रिव्यू काफी अहम माना जा रहा है, क्योंकि इससे यह भी स्पष्ट होगा कि विभागीय अनुशासन और कार्यक्षमता को लेकर शीर्ष स्तर का रुख कितना सख्त है।
इसके साथ ही गोमती नगर जोन में 33 केवी से जुड़े इंजीनियरों के निलंबन के बाद आज की समीक्षा बैठक और भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गई है। माना जा रहा है कि इस रिव्यू के माध्यम से यह तय होगा कि वर्टिकल व्यवस्था के तहत इंजीनियरिंग तंत्र कितना प्रभावी तरीके से काम कर रहा है।
अब सबकी निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि इस महत्वपूर्ण समीक्षा में कौन-कौन से इंजीनियर अपने कार्यों के आधार पर खरे उतरते हैं और किन्हें सुधार की जरूरत बताई जाती है।
ऊर्जा क्षेत्र में काम कर रहे सभी इंजीनियरों के लिए यह दिन एक तरह से परीक्षा की घड़ी जैसा है, जहां उनके कार्य, प्रबंधन क्षमता और जिम्मेदारी की कसौटी पर मूल्यांकन किया जाएगा।
यूपीपीसीएल मीडिया की ओर से ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत सभी इंजीनियरों को इस महत्वपूर्ण रिव्यू के लिए शुभकामनाएं दी जाती हैं। उम्मीद है कि सभी इंजीनियर अपनी मेहनत, ईमानदारी और तकनीकी दक्षता से इस समीक्षा में सफल होंगे और प्रदेश की विद्युत व्यवस्था को और मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।