न्यूज़ 18प्लस ब्यूरो : आनंदनगर/फरेंदा
‘धरोहर मंजिरी’ संस्था के आयोजन में गूंजी कविता की स्वर लहरियां, स्वास्थ्य शिविर व सम्मान समारोह ने जीता दिल।
आनंदनगर-फरेंदा स्थित आदर्शशिला वृद्धाश्रम में “धरोहर मंजिरी (हमारी धरोहर, हमारी पहचान)” संस्था द्वारा आयोजित भव्य कवि सम्मेलन एवं सामाजिक सेवा कार्यक्रम ने साहित्य, संस्कृति और मानव सेवा का अनूठा उदाहरण प्रस्तुत किया। कार्यक्रम का सफल संचालन प्रसिद्ध मंच संचालक मिन्नत गोरखपुरी ने किया। पूरे आयोजन के दौरान कविता, संवेदना और सामाजिक सरोकारों की ऐसी छटा बिखरी कि उपस्थित श्रोता देर तक मंत्रमुग्ध रहे।
कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहीं लोकप्रिय युवा कवयित्री परी श्रीवास्तव, जिन्होंने अपनी भावपूर्ण और प्रभावशाली रचनाओं से श्रोताओं का दिल जीत लिया। उनकी कविताओं में समाज, संस्कृति और मानवीय संवेदनाओं की गहरी अभिव्यक्ति देखने को मिली। हर प्रस्तुति के बाद सभागार तालियों की गूंज से भर उठता था।
कवि अविनाश श्रीवास्तव ने अपनी ओजस्वी कविताओं के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक चेतना और मानवीय मूल्यों का प्रभावशाली संदेश दिया। वहीं आशिया गोरखपुरी ने अपनी मधुर आवाज़ और भावनात्मक अभिव्यक्ति से श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। उनकी रचनाओं में प्रेम, संवेदना और सामाजिक जागरूकता का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
कवयित्री रीतिका शुक्ला ने अपनी सशक्त प्रस्तुति और प्रभावशाली शब्दों से कार्यक्रम को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया। इसके अलावा शालिनी सोनी, आकृति तिवारी, सुजाता पटेल एवं शालिनी वर्मा ने भी अपनी उत्कृष्ट रचनाओं की प्रस्तुति देकर कार्यक्रम को यादगार बना दिया।
कार्यक्रम में फरेंदा पुलिस में तैनात अंजली राय एवं मधु सिंह की विशेष उपस्थिति रही। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में सृजन कला संगठन के संस्थापक प्रथमांश पांडेय, द पोएट्री क्लब के संस्थापक अभिषेक चौरसिया तथा महराजगंज गॉट टैलेंट के सदस्य शिवम विश्वकर्मा उपस्थित रहे।
आयोजन के दौरान सभी कवियों एवं कवयित्रियों को सम्मानित किया गया। वृद्धाश्रम में रह रहे बुजुर्गों ने कलाकारों को अपना स्नेह और आशीर्वाद प्रदान किया। विशेष रूप से बुजुर्गों की सक्रिय सहभागिता ने कार्यक्रम को भावनात्मक ऊष्मा प्रदान की, जिससे पूरा वातावरण आत्मीयता और अपनत्व से सराबोर हो उठा।
सामाजिक सरोकारों को आगे बढ़ाते हुए निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का भी आयोजन किया गया। डॉ. अजीत कुमार, इरफान खान एवं उनकी टीम ने वृद्धजनों के स्वास्थ्य की जांच कर आवश्यक चिकित्सीय परामर्श प्रदान किया। आगंतुकों के लिए नाश्ता, जूस एवं फलों की भी समुचित व्यवस्था की गई थी।
साहित्य, सेवा और संस्कारों के त्रिवेणी संगम के रूप में आयोजित यह कार्यक्रम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना रहा। ‘धरोहर मंजिरी’ संस्था के इस सराहनीय प्रयास की उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा की और इसे समाज में सकारात्मक बदलाव की दिशा में एक प्रेरणादायक पहल बताया।