पत्नी और साली से मारपीट, जान से मारने की धमकी… कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ गंभीर मुकदमा।

ब्यूरो रिपोर्ट:राकेश त्रिपाठी सिसवा मुख्य सम्पादक 

 

निचलौल थाना क्षेत्र का मामला, आरोपी पर अपहरण और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप।

महराजगंज। जनपद के निचलौल थाना क्षेत्र में घरेलू विवाद ने गंभीर आपराधिक रूप ले लिया, जहां कोर्ट के आदेश पर एक व्यक्ति के खिलाफ पत्नी और उसके मायके पक्ष के साथ मारपीट, गाली-गलौज, धमकी तथा अपहरण जैसे गंभीर आरोपों में मुकदमा दर्ज किया गया है। मामला सामने आने के बाद क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं तेज हो गई हैं।

 

प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम सिसवा बाजार थाना कोठीभार निवासी गीता देवी पत्नी छोटेलाल राजभर ने न्यायालय विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट एसी/एसटी कोर्ट महराजगंज में प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया कि उनके पति छोटेलाल राजभर द्वारा लगातार प्रताड़ित किया जा रहा है। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

 

एफआईआर के अनुसार, घटना 23 अक्टूबर 2025 की शाम लगभग 6 बजे की बताई जा रही है। आरोप है कि छोटेलाल राजभर ने पत्नी गीता देवी के साथ गाली-गलौज करते हुए मारपीट की और जान से मारने की धमकी दी। पीड़िता का आरोप है कि जब उसने विरोध किया तो आरोपी ने उसे घर से बाहर निकाल दिया।

 

मामले में यह भी आरोप लगाया गया है कि पीड़िता की बहन (साली) के पहुंचने पर आरोपी ने उसके साथ भी अभद्रता और मारपीट की। शोर-शराबा सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जिसके बाद मामला और बढ़ गया। पीड़िता ने आरोप लगाया कि आरोपी पूर्व में भी उसे धमकाता रहा है और कई बार विवाद कर चुका है।

 

कोर्ट के आदेश पर थाना कोठीभार पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार मामले की विवेचना क्षेत्राधिकारी निचलौल को सौंपी गई है और सभी तथ्यों की जांच की जा रही है।

 

थाना प्रभारी का बयान।

 

थाना प्रभारी अखिलेश वर्मा ने बताया कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में मुकदमा पंजीकृत किया गया है। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है तथा जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।

 

घटना के बाद इलाके में घरेलू हिंसा और महिलाओं की सुरक्षा को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते ऐसे मामलों में प्रभावी कार्रवाई हो, तो कई परिवार टूटने से बच सकते हैं।

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